
अल नीनो की तीव्र वापसी: कोलंबिया में बिजली संकट, मेक्सिको में खाद्य हानि की आशंका
2026-27 में अत्यंत प्रबल अल नीनो की संभावना के बीच कोलंबिया के जलाशय रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच सकते हैं, मेक्सिको में फसलें प्रभावित होंगी और दक्षिण-पूर्व एशिया में धुंध का खतरा बढ़ेगा।
प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में समुद्री सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे अल नीनो की स्थितियाँ सक्रिय हो गई हैं। कोलंबिया के जलवायु विज्ञान संस्थान आइडियम ने 11 जून को इसकी औपचारिक घोषणा की, जबकि अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) के अनुसार इसके नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच 'अत्यंत प्रबल' श्रेणी तक पहुँचने की 63% संभावना है। डब्ल्यूएमओ ने जून-अगस्त के दौरान इसके स्थापित होने की 80% संभावना जताई है।
कोलंबिया में विद्युत प्रणाली संचालक एक्सएम ने चेतावनी दी है कि यदि सूखे की चरम स्थितियाँ बनीं तो राष्ट्रीय जलाशयों का समेकित स्तर 19.3% तक गिर सकता है, जो 2024 के 27% के न्यूनतम स्तर से भी काफी नीचे होगा। एक्सएम के अनुकरण के अनुसार, इस स्तर पर विद्युत आपूर्ति बाधित होने और जल राशनिंग की स्थिति बन सकती है। वर्तमान में जलाशय 74.7% पर हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि शुष्क मौसम से पहले इसे 80% तक पहुँचाना आवश्यक है। एंडेग के अध्यक्ष एलेजांद्रो कास्तानेदा ने कहा कि 27% से नीचे के स्तर पर प्रणाली के व्यवहार की जानकारी नहीं है, जिससे स्थिति अनिश्चित है।
मेक्सिको में स्टार्टअप रेनेसां नामक कंपनी ने अपने मौसमी पूर्वानुमान में कहा है कि अल नीनो, कैनिकुला और जलवायु परिवर्तन के संयुक्त प्रभाव से 2026 की गर्मियाँ अब तक की सबसे गर्म हो सकती हैं। रिपोर्ट में उत्तरी और पश्चिमी राज्यों—जिनमें सोनोरा, सिनालोआ, चिहुआहुआ, कोआहुइला, नुएवो लेओन, तमाउलिपास, बाहा कैलिफोर्निया आदि शामिल हैं—में भीषण सूखे, फसल हानि, पशुधन पर दबाव और खाद्य कीमतों में वृद्धि की चेतावनी दी गई है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश और बाढ़ की भी आशंका जताई गई है।
दक्षिण-पूर्व एशिया में सिंगापुर इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स (एसआईआईए) ने वर्ष 2026 की दूसरी छमाही के लिए 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए सीमापार धुंध के गंभीर खतरे की चेतावनी दी है। संस्थान के अनुसार, अल नीनो और संभावित सकारात्मक हिंद महासागर द्विध्रुव के कारण शुष्क मौसम लंबा खिंच सकता है, जिससे पीटलैंड और वन क्षेत्रों में आग का खतरा बढ़ेगा। जैव ईंधन की मांग से प्रेरित वनों की कटाई भी स्थिति को गंभीर बना रही है। ऐतिहासिक रूप से अल नीनो दक्षिण एशिया में मानसून को कमजोर करता है, हालाँकि इस बार के प्रभाव पर अभी कोई आधिकारिक पूर्वानुमान नहीं है। सभी प्रभावित क्षेत्रों में सरकारें निगरानी बढ़ा रही हैं और पूर्व तैयारी की सलाह दे रही हैं।
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लैटिन अमेरिका एक असाधारण रूप से मजबूत अल नीनो के लिए तैयार है, जिससे ऊर्जा ब्लैकआउट, पानी की राशनिंग और कृषि नुकसान का खतरा है। कोलंबिया के जलाशय 19% तक गिर सकते हैं, जबकि मेक्सिको रिकॉर्ड गर्मी और बर्बाद फसलों की उम्मीद कर रहा है। अधिकारी ग्रिड पतन से बचने और भोजन-पानी सुनिश्चित करने के लिए दौड़ रहे हैं।
अल नीनो की वापसी से 2026 की दूसरी छमाही में दक्षिण पूर्व एशिया में गंभीर सीमा-पार धुंध का खतरा बढ़ गया है। लंबे शुष्क मौसम, जैव ईंधन की मांग से प्रेरित वनों की कटाई और सीमित अग्नि-रोकथाम बजट के संयोजन से व्यापक आग भड़क सकती है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आर्थिक अनिश्चितता से प्रतिक्रिया क्षमता कमजोर हुई है।
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