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अर्थव्यवस्था और बाजारबुधवार, 24 जून 2026

केन्या में आयकर दाखिल करने की नई चरणबद्ध समय-सीमा, घाना में नियामक सख्ती

केन्या ने व्यक्तियों के लिए 30 अप्रैल और कंपनियों के लिए 30 जून की नई कर दाखिल समय-सीमा तय की, जबकि घाना में ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्मों के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया गया।

केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो द्वारा हस्ताक्षरित वित्त अधिनियम 2026, 1 जनवरी 2027 से आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को चरणबद्ध कर देता है। अब व्यक्तिगत करदाताओं को अपनी आय वर्ष समाप्ति के चौथे महीने के अंतिम दिन यानी 30 अप्रैल तक रिटर्न दाखिल करना होगा, जबकि कंपनियों जैसे गैर-व्यक्तिगत करदाताओं के लिए यह समय-सीमा छठे महीने के अंतिम दिन यानी 30 जून रहेगी। इस बदलाव का तात्कालिक प्रभाव यह होगा कि जून के अंतिम दिनों में एक साथ सभी करदाताओं के दाखिले से उत्पन्न होने वाली भीड़ और प्रणालीगत दबाव कम होगा।

राष्ट्रीय राजकोष के अनुसार, यह पुनर्संरेखण केन्या राजस्व प्राधिकरण (KRA) को व्यक्तिगत करदाताओं द्वारा दाखिल विवरणों की सत्यता की जांच के लिए पर्याप्त समय देने के लिए किया गया है। 1 जनवरी 2026 से आय और व्यय सत्यापन शुरू होने के बाद KRA पहले से ही करदाताओं के रिटर्न पूर्व-पॉप्युलेट कर रहा है, जिससे व्यक्तियों के लिए कम समय-सीमा व्यावहारिक मानी जा रही है। एनसीबीए ग्रुप की आर्थिक अनुसंधान इकाई का कहना है कि इससे केन्या के करदाताओं का स्तरीकरण होगा और प्रशासनिक बोझ कम होगा। केन्या अब दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जो चरणबद्ध कर दाखिल कार्यक्रम पर निर्भर हैं।

इसी अवधि में घाना में नियामक संस्थाएं अनुपालन और निवेशक संरक्षण पर जोर दे रही हैं। घाना राजस्व प्राधिकरण (GRA) ने व्यवसायों और व्यक्तिगत करदाताओं से कर कानूनों का पूर्ण अनुपालन करने का आग्रह किया है, चेतावनी दी है कि पंजीकरण न कराने, रिटर्न दाखिल न करने या एकत्र करों का हिसाब न देने पर राजस्व प्रशासन अधिनियम 2016 के तहत दंड और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। GRA करदाता सेवा केंद्रों का विस्तार कर रहा है और शून्य रिटर्न दाखिल करने की भी अनिवार्यता पर बल दे रहा है। दूसरी ओर, प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) ने सभी ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों को 31 अगस्त 2026 तक उपयुक्त लाइसेंस प्राप्त करने या परिचालन बंद करने का निर्देश दिया है। SEC ने कहा कि अपंजीकृत प्लेटफॉर्मों की बढ़ती प्रवृत्ति ने निवेशकों को धोखाधड़ी के जोखिम में डाल दिया है, इसलिए फिनटेक सेवा प्रदाताओं को प्रत्येक प्लेटफॉर्म के लिए अलग लाइसेंस लेना होगा।

घाना में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAG) ने भी जनता को अनधिकृत लेखा प्रमाणपत्रों के प्रति आगाह किया है। उच्च न्यायालय के फरवरी 2022 के एक निर्णय ने पुष्टि की कि कर लेखांकन सहित लेखाकर्म के सभी क्षेत्रों का विनियमन केवल ICAG के अधिकार क्षेत्र में आता है। न्यायालय ने चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ सर्टिफाइड टैक्स अकाउंटेंट्स, घाना को कर लेखाकारों के प्रमाणन और विज्ञापन से रोक दिया। ICAG ने कहा कि संस्थान अधिनियम 2020 (अधिनियम 1058) के तहत यह विशेष वैधानिक अधिकार और सुदृढ़ हुआ है।

भारत में कर दाखिल सीजन के दौरान फॉर्म 26AS का महत्व रेखांकित किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। कर विशेषज्ञों के अनुसार, फॉर्म 26AS करदाता के पैन से जुड़ी टीडीएस और टीसीएस जानकारी का समेकित विवरण प्रदान करता है, जिसे वार्षिक सूचना विवरण (AIS) और करदाता सूचना सारांश (TIS) से मिलान करने पर विसंगतियों और प्रसंस्करण में विलंब से बचा जा सकता है। आयकर विभाग की ओर से किसी भी बेमेल जानकारी पर नोटिस जारी किए जाने की संभावना बनी रहती है। अगला ध्यान देने योग्य पड़ाव केन्या में अप्रैल 2027 से लागू होने वाली नई व्यक्तिगत दाखिल समय-सीमा, घाना में 31 अगस्त 2026 की लाइसेंसिंग की अंतिम तिथि और भारत में 31 जुलाई 2026 की कर दाखिल समय-सीमा होगी।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

48%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब लेवांत-मगरिब प्रेसउप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
व्यावहारिकताउदासीनता

कर प्राधिकरण कंपनियों को 2026 के मध्य तक इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग पर स्विच करने के दायित्व की याद दिलाता है, और SIMPL प्लेटफॉर्म को एकमात्र माध्यम बताता है। यह एक तकनीकी सूचना है, बिना किसी चिंताजनक लहजे के, जो एक प्रशासनिक समयसीमा का संकेत देती है।

उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस/ अंग्रेज़ीभाषी
अत्यावश्यकताचेतावनीव्यावहारिकता

कई अफ्रीकी देश चरणबद्ध समयसीमाओं और ऑनलाइन प्लेटफार्मों के लिए अनिवार्य लाइसेंसिंग के साथ राजकोषीय अनुपालन को नया स्वरूप दे रहे हैं। अधिकारी चेतावनी देते हैं कि अनुपालन न करने पर दंड लगेगा, जबकि वे राजस्व संग्रह को आधुनिक बनाने और निवेशकों की रक्षा करने का प्रयास कर रहे हैं।

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सैमसंग का 648 अरब डॉलर का निवेश: एआई चिप मांग और क्षेत्रीय राजनीति का दांव·फ्रांस-इटली की नई पहल: यूनिफिल के बाद लेबनान में बहुराष्ट्रीय गठबंधन की तैयारी·संघर्षों को इंसानियत से सुलझाने का पोप का आह्वान, कार्डिनल्स की सभा में युद्ध-विरोधी संदेश·जापान की नई आर्थिक रणनीति: 370 ट्रिलियन येन का निवेश, राजकोषीय अनुशासन पर बहस और भारत यात्रा की तैयारी·बेल्जियम और न्यूजीलैंड के लिए करो या मरो, मिस्र-ईरान की ऐतिहासिक दावेदारी·रियलिटी शो के धागे: गिरती देह, लीक होते राज़ और दर्शकों की अदालत·चार महीने के ठहराव के बाद रास तनूरा टर्मिनल से तेल लदान फिर शुरू, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जोखिम घटा·हैमिल्टन की पहली फेरारी जीत के बाद ऑस्ट्रिया में गरमाई चैंपियनशिप की जंग·सैमसंग का 648 अरब डॉलर का निवेश: एआई चिप मांग और क्षेत्रीय राजनीति का दांव·फ्रांस-इटली की नई पहल: यूनिफिल के बाद लेबनान में बहुराष्ट्रीय गठबंधन की तैयारी·संघर्षों को इंसानियत से सुलझाने का पोप का आह्वान, कार्डिनल्स की सभा में युद्ध-विरोधी संदेश·जापान की नई आर्थिक रणनीति: 370 ट्रिलियन येन का निवेश, राजकोषीय अनुशासन पर बहस और भारत यात्रा की तैयारी·बेल्जियम और न्यूजीलैंड के लिए करो या मरो, मिस्र-ईरान की ऐतिहासिक दावेदारी·रियलिटी शो के धागे: गिरती देह, लीक होते राज़ और दर्शकों की अदालत·चार महीने के ठहराव के बाद रास तनूरा टर्मिनल से तेल लदान फिर शुरू, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जोखिम घटा·हैमिल्टन की पहली फेरारी जीत के बाद ऑस्ट्रिया में गरमाई चैंपियनशिप की जंग·
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बुधवार, 24 जून 2026

केन्या में आयकर दाखिल करने की नई चरणबद्ध समय-सीमा, घाना में नियामक सख्ती

केन्या ने व्यक्तियों के लिए 30 अप्रैल और कंपनियों के लिए 30 जून की नई कर दाखिल समय-सीमा तय की, जबकि घाना में ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्मों के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया गया।

केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो द्वारा हस्ताक्षरित वित्त अधिनियम 2026, 1 जनवरी 2027 से आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को चरणबद्ध कर देता है। अब व्यक्तिगत करदाताओं को अपनी आय वर्ष समाप्ति के चौथे महीने के अंतिम दिन यानी 30 अप्रैल तक रिटर्न दाखिल करना होगा, जबकि कंपनियों जैसे गैर-व्यक्तिगत करदाताओं के लिए यह समय-सीमा छठे महीने के अंतिम दिन यानी 30 जून रहेगी। इस बदलाव का तात्कालिक प्रभाव यह होगा कि जून के अंतिम दिनों में एक साथ सभी करदाताओं के दाखिले से उत्पन्न होने वाली भीड़ और प्रणालीगत दबाव कम होगा।

राष्ट्रीय राजकोष के अनुसार, यह पुनर्संरेखण केन्या राजस्व प्राधिकरण (KRA) को व्यक्तिगत करदाताओं द्वारा दाखिल विवरणों की सत्यता की जांच के लिए पर्याप्त समय देने के लिए किया गया है। 1 जनवरी 2026 से आय और व्यय सत्यापन शुरू होने के बाद KRA पहले से ही करदाताओं के रिटर्न पूर्व-पॉप्युलेट कर रहा है, जिससे व्यक्तियों के लिए कम समय-सीमा व्यावहारिक मानी जा रही है। एनसीबीए ग्रुप की आर्थिक अनुसंधान इकाई का कहना है कि इससे केन्या के करदाताओं का स्तरीकरण होगा और प्रशासनिक बोझ कम होगा। केन्या अब दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जो चरणबद्ध कर दाखिल कार्यक्रम पर निर्भर हैं।

इसी अवधि में घाना में नियामक संस्थाएं अनुपालन और निवेशक संरक्षण पर जोर दे रही हैं। घाना राजस्व प्राधिकरण (GRA) ने व्यवसायों और व्यक्तिगत करदाताओं से कर कानूनों का पूर्ण अनुपालन करने का आग्रह किया है, चेतावनी दी है कि पंजीकरण न कराने, रिटर्न दाखिल न करने या एकत्र करों का हिसाब न देने पर राजस्व प्रशासन अधिनियम 2016 के तहत दंड और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। GRA करदाता सेवा केंद्रों का विस्तार कर रहा है और शून्य रिटर्न दाखिल करने की भी अनिवार्यता पर बल दे रहा है। दूसरी ओर, प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) ने सभी ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों को 31 अगस्त 2026 तक उपयुक्त लाइसेंस प्राप्त करने या परिचालन बंद करने का निर्देश दिया है। SEC ने कहा कि अपंजीकृत प्लेटफॉर्मों की बढ़ती प्रवृत्ति ने निवेशकों को धोखाधड़ी के जोखिम में डाल दिया है, इसलिए फिनटेक सेवा प्रदाताओं को प्रत्येक प्लेटफॉर्म के लिए अलग लाइसेंस लेना होगा।

घाना में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAG) ने भी जनता को अनधिकृत लेखा प्रमाणपत्रों के प्रति आगाह किया है। उच्च न्यायालय के फरवरी 2022 के एक निर्णय ने पुष्टि की कि कर लेखांकन सहित लेखाकर्म के सभी क्षेत्रों का विनियमन केवल ICAG के अधिकार क्षेत्र में आता है। न्यायालय ने चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ सर्टिफाइड टैक्स अकाउंटेंट्स, घाना को कर लेखाकारों के प्रमाणन और विज्ञापन से रोक दिया। ICAG ने कहा कि संस्थान अधिनियम 2020 (अधिनियम 1058) के तहत यह विशेष वैधानिक अधिकार और सुदृढ़ हुआ है।

भारत में कर दाखिल सीजन के दौरान फॉर्म 26AS का महत्व रेखांकित किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। कर विशेषज्ञों के अनुसार, फॉर्म 26AS करदाता के पैन से जुड़ी टीडीएस और टीसीएस जानकारी का समेकित विवरण प्रदान करता है, जिसे वार्षिक सूचना विवरण (AIS) और करदाता सूचना सारांश (TIS) से मिलान करने पर विसंगतियों और प्रसंस्करण में विलंब से बचा जा सकता है। आयकर विभाग की ओर से किसी भी बेमेल जानकारी पर नोटिस जारी किए जाने की संभावना बनी रहती है। अगला ध्यान देने योग्य पड़ाव केन्या में अप्रैल 2027 से लागू होने वाली नई व्यक्तिगत दाखिल समय-सीमा, घाना में 31 अगस्त 2026 की लाइसेंसिंग की अंतिम तिथि और भारत में 31 जुलाई 2026 की कर दाखिल समय-सीमा होगी।

स्रोतों में मतभेद

अर्थव्यवस्था और बाजार · 3 स्रोत · 2 भाषाएँ

48%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

न्यूनत्र40%
निंदक60%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब लेवांत-मगरिब प्रेसउप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
व्यावहारिकताउदासीनता

कर प्राधिकरण कंपनियों को 2026 के मध्य तक इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग पर स्विच करने के दायित्व की याद दिलाता है, और SIMPL प्लेटफॉर्म को एकमात्र माध्यम बताता है। यह एक तकनीकी सूचना है, बिना किसी चिंताजनक लहजे के, जो एक प्रशासनिक समयसीमा का संकेत देती है।

उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस/ अंग्रेज़ीभाषी
अत्यावश्यकताचेतावनीव्यावहारिकता

कई अफ्रीकी देश चरणबद्ध समयसीमाओं और ऑनलाइन प्लेटफार्मों के लिए अनिवार्य लाइसेंसिंग के साथ राजकोषीय अनुपालन को नया स्वरूप दे रहे हैं। अधिकारी चेतावनी देते हैं कि अनुपालन न करने पर दंड लगेगा, जबकि वे राजस्व संग्रह को आधुनिक बनाने और निवेशकों की रक्षा करने का प्रयास कर रहे हैं।

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