
काला सागर में रूसी मिसाइलों से तुर्की मालवाहक जहाज पर हमला, छह नाविकों की मौत
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास अनाज लेकर जा रहे एक नागरिक जहाज पर तीन क्रूज़ मिसाइलें गिरीं, जिसमें भारतीय और सीरियाई नागरिक भी सवार थे।
यूक्रेनी नौसेना के अनुसार, रूस ने रविवार को काला सागर में गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले तुर्की स्वामित्व के मालवाहक जहाज 'गोल्डन लियो' पर तीन क्रूज़ मिसाइलें दागीं, जिससे छह चालक दल सदस्यों की मौत हो गई और चार लापता हैं। जहाज ओडेसा बंदरगाह से अनाज लादकर 'युद्ध क्षेत्र से बाहर' निकल रहा था। यूक्रेन के परिवहन मंत्री मिकोला कलाश्निक ने बताया कि आठ नाविकों को बचा लिया गया, जिनमें दो घायल हैं। विदेश मंत्री आंद्री सिबिगा ने पुष्टि की कि चालक दल में सीरिया और भारत के नागरिक शामिल थे और मरने वालों में यूक्रेनी कप्तान भी है।
यूक्रेनी पक्ष ने इस हमले को 'निहत्थे नागरिक जहाज पर जानबूझकर किया गया आतंकवादी कृत्य' और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। प्रधानमंत्री सर्गेई कोरेत्स्की ने कहा कि रूस नौवहन की स्वतंत्रता और संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि के सिद्धांतों का उल्लंघन कर रहा है। वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय ने नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार किया और दावा किया कि उसने कीव में सैन्य ठिकानों व रसद केंद्रों तथा ओडेसा में यूक्रेनी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बंदरगाह ढाँचे को निशाना बनाया।
यह हमला उसी रात हुआ जब रूस ने कीव पर 40 से अधिक मिसाइलें दागीं, जिनमें 25 बैलिस्टिक मिसाइलें थीं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इसे 'कीव पर अब तक के सबसे बड़े बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में से एक' बताया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई और 16 घायल हुए। इसके अलावा खारकीव में एक डाक गोदाम पर हमले में चार लोग मारे गए और ओडेसा के एक मनोरंजन पार्क में एक किशोर की मौत हो गई। यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, रूस ने रात भर में 125 ड्रोन और कई हाइपरसोनिक ज़िरकॉन मिसाइलें भी छोड़ीं।
काला सागर में वाणिज्यिक जहाजरानी पर यह हमला वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला के लिए चिंता बढ़ाता है, क्योंकि यूक्रेन दुनिया के प्रमुख अनाज निर्यातकों में से एक है और ओडेसा इसका मुख्य निर्यात केंद्र है। पश्चिमी सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, रूस यूक्रेन की समुद्री निर्यात क्षमता को कमज़ोर करने के लिए बंदरगाह अवसंरचना और जहाजों को व्यवस्थित रूप से निशाना बना रहा है, जबकि मॉस्को इसे सैन्य आपूर्ति रोकने का प्रयास बताता है। दक्षिण एशिया के लिए यह घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि भारत जैसे देश यूक्रेनी अनाज के बड़े आयातक रहे हैं और इस मार्ग में अस्थिरता खाद्य कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
फिलहाल लापता चार नाविकों की तलाश जारी है और यूक्रेनी नौसेना व समुद्री खोज एवं बचाव सेवा की इकाइयाँ मौके पर तैनात हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन और संयुक्त राष्ट्र से इस हमले पर प्रतिक्रिया अपेक्षित है, जबकि यूक्रेन ने पश्चिमी सहयोगियों से काला सागर में नौवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.70 | critical |
|---|---|---|
| चीनी प्रेस | 0.00 | neutral |
यूक्रेनी नौसेना और पश्चिमी सरकारें रूसी हमले की निंदा करती हैं। आवाज पीड़ितों और आरोप लगाने वाले की है।
यूक्रेनी स्रोत को निर्विवाद अधिकार के रूप में उपयोग करता है, वैश्विक खाद्य संकट को उजागर करने के लिए अनाज के भार पर जोर देता है, और अवैधता को रेखांकित करने के लिए जहाज को 'नागरिक' और 'निहत्था' बताता है।
रूसी संस्करण या मास्को से किसी भी औचित्य की रिपोर्ट नहीं करता। यह छोड़ देता है कि जहाज युद्ध क्षेत्र में था और रूस ने इसे सैन्य लक्ष्य माना होगा।
आवाज यूक्रेनी सरकार की है, जिसे चीनी स्रोतों द्वारा रिपोर्ट किया गया है। चीन अपनी स्थिति व्यक्त नहीं करता बल्कि आरोप के लिए एक चैनल के रूप में कार्य करता है।
दावे से दूरी बनाने के लिए 'यूक्रेन ने कहा' सूत्र का उपयोग करता है, स्पष्ट तटस्थता बनाए रखता है। यह कोई टिप्पणी नहीं जोड़ता और न ही हमले को युद्ध के हिस्से के रूप में संदर्भित करता है।
रूसी प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं करता और न ही यूक्रेनी आंकड़ों से परे पीड़ितों के बारे में विवरण प्रदान करता है। संघर्ष के व्यापक संदर्भ और समुद्री सुरक्षा के लिए निहितार्थ को छोड़ देता है।
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