
36 साल का सूखा खत्म: ऑस्ट्रिया ने जॉर्डन को 3-1 से हराया, अर्नॉटोविच के पेनल्टी ने दिलाई ऐतिहासिक जीत
ऑस्ट्रिया ने 1990 के बाद पहली विश्व कप जीत दर्ज की, वहीं डेब्यूटेंट जॉर्डन ने अपना पहला गोल कर इतिहास रचा; ग्रुप जे में अब अर्जेंटीना के साथ कड़ी टक्कर।
सैन फ्रांसिस्को खाड़ी क्षेत्र में खेले गए ग्रुप जे के मुकाबले में ऑस्ट्रिया ने न केवल जॉर्डन को 3-1 से हराया, बल्कि 36 साल के लंबे अंतराल के बाद विश्व कप में अपनी पहली जीत का सूखा भी समाप्त किया। यूरोपीय टीम की आखिरी जीत 1990 में इटली में अमेरिका के खिलाफ आई थी, और इस बीच वे छह संस्करणों के लिए क्वालीफाई भी नहीं कर पाए थे। दूसरी ओर, पहली बार विश्व कप खेल रहे जॉर्डन के लिए यह मैच एक ऐतिहासिक क्षण लेकर आया जब अली ओलवान ने दूसरे हाफ की शुरुआत में गोल करके टूर्नामेंट में अपने देश का पहला गोल दर्ज किया। ओलवान ने अपने जश्न में चोटिल साथी यज़ान अल-नईमत की 11 नंबर की जर्सी दिखाकर भावुक श्रद्धांजलि दी।
मैच की शुरुआत में ही दोनों टीमों ने आक्रामक रुख अपनाया, लेकिन 21वें मिनट में वेर्डर ब्रेमेन के मिडफील्डर रोमानो श्मिड ने बॉक्स के बाहर से एक जबरदस्त दाएं पैर का शॉट लगाकर गेंद को ऊपरी कोने में पहुंचा दिया, जिसके सामने जॉर्डन के गोलकीपर यज़ीद अबू लैला पूरी तरह निष्क्रिय रहे। हालांकि, जॉर्डन ने हार नहीं मानी और दूसरे हाफ के 50वें मिनट में अली ओलवान ने एक तेज काउंटर-अटैक पर बाएं पैर से गेंद को पोस्ट से टकराते हुए नेट में पहुंचाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद खेल ने नाटकीय मोड़ लिया जब मार्को अर्नॉटोविच का कॉर्नर से किया गया हेडर गोल लाइन पार कर गया, लेकिन वीएआर ने इसे ऑफसाइड करार देकर रद्द कर दिया।
निर्णायक क्षण 76वें मिनट में आया जब ऑस्ट्रिया के एक और कॉर्नर किक पर जॉर्डन के डिफेंडर यज़ान अल-अरब से गेंद टकराकर अपने ही गोल में चली गई, जिससे स्कोर 2-1 हो गया। इस आत्मघाती गोल ने जॉर्डन की कमर तोड़ दी। मैच के अंतिम क्षणों में, चोट के समय के 12वें मिनट में, ऑस्ट्रिया को पेनल्टी मिली और अनुभवी स्ट्राइकर मार्को अर्नॉटोविच ने इसे गोल में बदलकर 3-1 की जीत पर मुहर लगा दी। यह जीत ऑस्ट्रिया के लिए 28 साल बाद विश्व कप में वापसी का सबसे शानदार तरीका साबित हुई।
इस जीत के साथ, राल्फ रांगनिक की टीम ने ग्रुप जे में तीन अंक हासिल कर लिए और वे अंक तालिका में गत चैंपियन अर्जेंटीना के बराबर आ गए, जिसने लियोनेल मेस्सी की हैट्रिक की बदौलत अल्जीरिया को 3-0 से हराया था। हालांकि, बेहतर गोल अंतर के कारण अर्जेंटीना शीर्ष पर बना हुआ है। जॉर्डन तीसरे और अल्जीरिया चौथे स्थान पर है। अब सबकी निगाहें डलास में होने वाले अगले मुकाबले पर टिकी हैं, जहां ऑस्ट्रिया और अर्जेंटीना ग्रुप की बढ़त के लिए आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला न केवल नॉकआउट चरण की राह आसान करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि क्या ऑस्ट्रिया अपने पुनर्जागरण को एक वास्तविक खिताबी दावेदारी में बदल पाता है या नहीं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ
ऑस्ट्रिया की जॉर्डन पर जीत को अर्जेंटीना के साथ ग्रुप J में शीर्ष पर पहुंचने वाले कदम के रूप में मनाया गया। ध्यान तुरंत डलास में ऑस्ट्रिया और अर्जेंटीना के बीच होने वाले निर्णायक मुकाबले पर चला जाता है, जबकि मेस्सी की हैट्रिक अभी भी ताज़ा है। इस जीत को अल्बीसेलेस्टे की राह के संदर्भ में देखा जाता है।
ऑस्ट्रिया ने 36 साल के विश्व कप जीत के सूखे को नाटकीय अंदाज में खत्म किया, पहली बार खेल रही जॉर्डन को 3-1 से हराया। एक आत्मघाती गोल और चोट के समय में अर्नाटोविक के पेनल्टी ने जोशीली चुनौती के बाद ऐतिहासिक जीत पक्की की। कहानी लंबे इंतजार और आखिरकार फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर फिर से जीतने के भावनात्मक महत्व पर जोर देती है।
संबंधित लेख
वॉर्श की पहली फेड अध्यक्षता: ईरान समझौते और दरों के इंतजार में थमे बाजार
6 भाषाएँ · 19 स्रोत
कानून एवं नियमनएडुआर्डो बोल्सोनारो को पिता के मुकदमे में अमेरिकी हस्तक्षेप की कोशिश पर चार साल की सजा
7 भाषाएँ · 15 स्रोत
Defense & Securityट्रंप की नाराजगी के बावजूद इज़राइल ने लेबनान पर किए ताजा हमले, ईरान शांति समझौता खतरे में
6 भाषाएँ · 16 स्रोत