
ईरान ने अमेरिका के साथ ‘पूर्ण पैमाने पर युद्ध’ की घोषणा की, खाड़ी देशों पर हमले तेज
तेहरान और वाशिंगटन के बीच सीधी सैन्य झड़पों के बीच हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की नौसैनिक नाकेबंदी की धमकी दी, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर दोहरा संकट मंडराने लगा।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सोमवार को घोषणा की कि उनका देश अमेरिका के साथ ‘पूर्ण पैमाने पर युद्ध’ लड़ रहा है। यह बयान तब आया जब अमेरिकी सेना ने लगातार दसवीं रात ईरान पर हवाई हमले किए, जिनका दायरा होर्मुज जलडमरूमध्य के निकटवर्ती इलाकों से बढ़ाकर बुशहर (जहां एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र है) और तबरेज़ जैसे शहरों तक कर दिया गया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में ड्रोन व मिसाइल हमले किए, जिनकी पुष्टि संबंधित देशों की सरकारों ने की।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना है जिनसे होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन और अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद चेतावनी दी कि ईरान को हर अमेरिकी सैनिक की जान की “कई गुना कीमत” चुकानी होगी। दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ कूटनीतिक संदेशों का आदान-प्रदान जारी है, लेकिन तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल अपनी सुरक्षा के खिलाफ नहीं होने देगा। यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की समुद्री नाकेबंदी की घोषणा कर संघर्ष को लाल सागर तक विस्तार देने की धमकी दी। यह कदम तब उठाया गया जब पिछले सप्ताह दोनों पक्षों के बीच वर्षों बाद पहली बार सीधी गोलीबारी हुई, जिससे 2022 के युद्धविराम पर खतरा मंडराने लगा है। रियाद ने इस ‘आतंकवादी हूती मिलिशिया’ की धमकी की कड़ी निंदा की। यदि यह नाकेबंदी लागू हुई तो सऊदी अरब के लाल सागर स्थित यानबू बंदरगाह से होने वाला तेल निर्यात बाधित हो सकता है, जो होर्मुज के विकल्प के रूप में इस्तेमाल हो रहा था।
इस बढ़ते तनाव का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर तत्काल असर दिखा। ब्रेंट क्रूड की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, हालांकि कूटनीतिक प्रयासों की खबरों के बाद इसमें नरमी आई। विश्लेषकों के अनुसार, होर्मुज और लाल सागर दोनों मार्गों पर एक साथ खतरा मंडराने से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए आपूर्ति श्रृंखला गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आता है, इसलिए यह संकट नई दिल्ली के लिए रणनीतिक चिंता का विषय है। पाकिस्तान, जो इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, के गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी सोमवार को इस्लामाबाद दौरे पर रवाना हुए, हालांकि यात्रा के एजेंडे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।
यह संघर्ष जून में हुए एक युद्धविराम समझौते के टूटने के बाद फिर शुरू हुआ, जिसके तहत ईरान ने होर्मुज की नाकेबंदी दोबारा लागू कर दी और अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी। वर्तमान में कूटनीतिक संवाद के दरवाजे खुले हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सैन्य कार्रवाइयां थमने के कोई संकेत नहीं हैं। अमेरिकी सेना हर रात हमले जारी रखे हुए है, जबकि ईरान ने ‘प्रतिरोध के स्वाभाविक परिणामों’ को स्वीकार करने की बात कही है। अगले ठोस कदम के रूप में ईरानी गृह मंत्री की पाकिस्तान यात्रा के दौरान संभावित वार्ता पर नजर रहेगी, जबकि क्षेत्रीय सैन्य प्रतिष्ठान किसी भी नए हमले के लिए सतर्क हैं।
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| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
Iran declares itself in total war, but the United States responds forcefully to defend its interests and avenge fallen soldiers.
By presenting Iranian statements as a threat and US actions as a necessary response, a narrative of symmetric escalation is created where both sides are active.
The global economic impact of the Strait of Hormuz closure and possible civilian consequences are not explored.
The Iran-US conflict is not just regional: it threatens the global economy and energy flow stability.
By shifting focus to global economic consequences, the conflict's scope is universalized, making it relevant to all.
Trump's statements on retaliation and the motivations behind US actions are not given voice.
Iran is in total war with the US, period.
By reporting the statement without analysis or context, the source is left to speak for itself, avoiding interpretation.
US reactions, ongoing military actions, and regional implications are completely missing.
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