
AI के आर्थिक प्रभाव पर 200 से अधिक अर्थशास्त्रियों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की
नोबेल पुरस्कार विजेताओं सहित 200 से अधिक अर्थशास्त्रियों और वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि AI से बड़े पैमाने पर नौकरियां जा सकती हैं और सरकारों को तुरंत नीतियां बनानी चाहिए।
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की डिजिटल इकॉनमी लैब द्वारा आयोजित एक खुले पत्र में 200 से अधिक अर्थशास्त्रियों और AI शोधकर्ताओं ने सरकारों और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के नेतृत्व से आग्रह किया है कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए तत्काल संस्थाएं और नीतियां बनाएं। इस पत्र पर 16 नोबेल पुरस्कार विजेताओं—जिनमें डैरन एसमोग्लू, साइमन जॉनसन और माइकल स्पेंस शामिल हैं—के साथ-साथ ओपनएआई, गूगल डीपमाइंड और एंथ्रोपिक के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हस्ताक्षर किए हैं। पत्र में कहा गया है कि AI अगले दस वर्षों में मूल रूप से अधिक शक्तिशाली हो सकती है, जिससे औद्योगिक क्रांति से भी बड़ा आर्थिक परिवर्तन बहुत कम समय में हो सकता है, और इसके साथ बड़े पैमाने पर नौकरी का विस्थापन और जीवन स्तर में वृद्धि दोनों संभव हैं।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब विभिन्न क्षेत्रों में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ब्राजील और मैक्सिको की कंपनियां परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए स्वायत्त AI एजेंट तैनात कर रही हैं, जबकि इंडोनेशिया में क्रिप्टो उद्योग ने बताया कि उसे केवल डेवलपर्स की नहीं, बल्कि अनुपालन, जोखिम प्रबंधन और विपणन जैसे पारंपरिक कौशल वाले पेशेवरों की भी सख्त जरूरत है। वहीं, भारत और अर्जेंटीना के शिक्षण संस्थान इस बात पर जोर दे रहे हैं कि युवाओं को AI उपकरणों के उपयोग के साथ-साथ आलोचनात्मक सोच और अनिश्चितता से निपटने की क्षमता भी सिखाई जानी चाहिए। कॉग्निजेंट के एक अधिकारी के अनुसार, कई संगठनों के लिए असली बाधा तकनीकी नहीं, बल्कि डेटा का बिखराव और AI को मुख्य प्रक्रियाओं में एकीकृत करने में असमर्थता है।
श्रम बाजार पर प्रभाव पहले से ही दिखने लगा है। पीडब्ल्यूसी के 2026 के वैश्विक रोजगार बैरोमीटर के अनुसार, AI के संपर्क में आने वाली नौकरियों में आवश्यक कौशल अन्य व्यवसायों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक तेजी से बदल रहे हैं। ब्राजील के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि एक तिहाई से अधिक युवा AI उपकरणों के उचित उपयोग के लिए मार्गदर्शन की कमी महसूस करते हैं। आईबीएम के एक विशेषज्ञ ने कोलंबिया में एक साक्षात्कार में कहा कि कुछ कंपनियां ‘AI वॉशिंग’ का सहारा ले रही हैं—वे AI को छंटनी का बहाना बना रही हैं, जबकि वास्तविक कारण महामारी के दौरान अत्यधिक भर्ती है। साथ ही, AI के दुरुपयोग से वित्तीय धोखाधड़ी भी अधिक परिष्कृत हो रही है; बायोकैच के एक सर्वेक्षण में 25 देशों के 88% बैंकिंग पेशेवरों ने माना कि AI ने धोखाधड़ी की जटिलता बढ़ा दी है।
इन चुनौतियों के बीच, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के लिए अगला ठोस कदम 23-24 जुलाई को कोलंबिया के मेडेलिन में आयोजित होने वाली निर्माण क्षेत्र की AI शिखर बैठक है, जहां आईबीएम के वरिष्ठ इंजीनियर जेफ क्रूम सहित वैश्विक विशेषज्ञ शासन और कार्यबल रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। इसके समानांतर, गार्टनर का अनुमान है कि 2026 तक 80% से अधिक संगठनों को अशासित AI उपयोग से जुड़ी घटनाओं का सामना करना पड़ेगा, जो कॉरपोरेट गवर्नेंस के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.40 | critical |
|---|---|---|
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | +0.10 | neutral |
Experts and analysts denounce the instrumental use of AI by companies to justify layoffs, calling for greater social responsibility and investment in training.
By citing an IBM expert who explicitly states that many companies use AI as an excuse, and by presenting articles that show the gap between AI adoption and workforce preparation, the narrative builds credibility based on authoritative sources and concrete data.
The bloc omits the precise scale of US tech layoffs (123,653 jobs, 66% increase) that would contextualize the severity of the trend, instead focusing on the motive behind the cuts.
The data from Challenger, Gray & Christmas speaks for itself: 123,653 cuts in tech, AI is the leading cause. The report simply presents the numbers without commentary.
By presenting authoritative data from a recognized firm and using precise percentages, the report establishes factual credibility.
The bloc omits any discussion of broader implications, such as the role of corporate strategy or the need for reskilling, which are central to the Latino American frame.
Indonesian crypto industry leaders, such as the CEO of Upbit, emphasize that US tech layoffs represent an opportunity to attract talent to their growing market.
By juxtaposing US layoffs with local hiring needs and citing industry data, the narrative creates a contrast that makes the opportunity seem natural.
The bloc omits the fact that the US layoffs are specifically in tech and AI-driven, and does not address the potential negative impact of AI on jobs globally. It also ignores the scale of the layoffs.
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