
ट्रंप प्रशासन के ICC प्रतिबंधों को अमेरिकी संविधान के तहत चुनौती, मुक्त भाषण के हनन का आरोप
दो अमेरिकी वकालत समूहों ने मुकदमा दायर कर कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय पर प्रतिबंध नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को अवैध रूप से कुचल रहे हैं।
अमेरिका के दो मानवाधिकार संगठनों—डेमोक्रेसी फॉर द अरब वर्ल्ड नाउ (डॉन) और टैक्सपेयर्स अलायंस अगेंस्ट जेनोसाइड—ने बुधवार को मैनहट्टन की एक संघीय अदालत में ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया। इसमें आरोप लगाया गया कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के न्यायाधीशों, अभियोजकों और फिलिस्तीनी मानवाधिकार समूहों पर फरवरी 2025 में लगाए गए आर्थिक व वीज़ा प्रतिबंध अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन (मुक्त भाषण) का उल्लंघन करते हैं। संगठनों का कहना है कि इन प्रतिबंधों के डर से वे ICC के समक्ष इज़राइल के कथित युद्ध अपराधों के सबूत प्रस्तुत करने और प्रतिबंधित व्यक्तियों से संवाद करने से बच रहे हैं, जिससे उनकी वकालत की गतिविधियाँ अवरुद्ध हो रही हैं।
वादी संगठनों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन आर्थिक प्रतिबंधों जैसे कठोर औज़ार का इस्तेमाल “न केवल मानवाधिकार रक्षकों को दंडित करने, बल्कि लाखों अमेरिकियों की राजनीतिक अभिव्यक्ति पर पुलिसिंग करने” के लिए कर रहा है। दूसरी ओर, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक वीडियो बयान में ICC पर अमेरिकी संप्रभुता के लिए “असहनीय ख़तरा” होने का आरोप लगाया और इसे “ईंट-दर-ईंट तोड़ने” की धमकी दी। वाशिंगटन का तर्क है कि यह अदालत अमेरिकी सैन्यकर्मियों और इज़राइली अधिकारियों के खिलाफ़ अवैध कार्रवाई कर रही है, जबकि अमेरिका और इज़राइल रोम संविधि के पक्षकार नहीं हैं और ICC के क्षेत्राधिकार को मान्यता नहीं देते।
इसी सप्ताह एक अन्य घटनाक्रम में, एक अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन की उस आव्रजन नीति पर रोक लगा दी जो गलत सूचना, घृणास्पद भाषण और ऑनलाइन सुरक्षा पर काम करने वाले विदेशी शोधकर्ताओं को वीज़ा देने से इनकार करने या उन्हें निर्वासित करने की अनुमति देती थी। मुख्य ज़िला न्यायाधीश जेम्स बोसबर्ग ने अपने आदेश में कहा कि यह नीति संभवतः पहले संशोधन के संरक्षण का उल्लंघन करती है, क्योंकि यह केवल कंटेंट मॉडरेशन के काम से जुड़े लोगों को उनकी आव्रजन स्थिति के लिए जोखिम में डालती है। यह मामला भी प्रशासन की उसी व्यापक प्रवृत्ति को रेखांकित करता है जिसमें अभिव्यक्ति-संबंधी कार्यों को दंडित करने के लिए कार्यकारी शक्तियों का प्रयोग किया जा रहा है।
ICC प्रतिबंधों के कारण प्रभावित न्यायाधीशों और उनके परिवारों के बैंक खाते स्थगित कर दिए गए हैं और वे वीज़ा व मास्टरकार्ड जैसी अमेरिकी सेवाओं से वंचित हो गए हैं। वादी संगठनों का कहना है कि यदि वे प्रतिबंधित फिलिस्तीनी गैर-सरकारी संगठनों या संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत फ्रांसेस्का अल्बानीज़ के साथ संपर्क जारी रखते हैं तो उन्हें आपराधिक मुकदमों और दीवानी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कार्यपालिका को ऐसे प्रतिबंधों के लिए खुली छूट मिल गई तो भविष्य में किसी भी राष्ट्रपति द्वारा विदेशी पर्यावरण समूहों से संवाद करने वाले अमेरिकी जलवायु कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने जैसे दुरुपयोग का रास्ता खुल सकता है।
फिलहाल, ICC के खिलाफ प्रशासन का कूटनीतिक अभियान जारी है—रुबियो ने सहयोगी देशों से अदालत का समर्थन छोड़ने का आग्रह किया है और अतिरिक्त प्रतिबंधों की चेतावनी दी है। मुकदमे पर व्हाइट हाउस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जबकि वीज़ा नीति पर रोक का मामला आगे की सुनवाई के लिए लंबित है। न्यूयॉर्क में दायर याचिका में राष्ट्रपति ट्रंप, रुबियो, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंश सहित शीर्ष अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है, और इसके नतीजे अमेरिकी संवैधानिक सीमाओं और अंतरराष्ट्रीय न्यायिक संस्थाओं के भविष्य के लिए दूरगामी हो सकते हैं।
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | −0.40 | critical |
|---|---|---|
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.90 | critical |
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.20 | neutral |
मानवाधिकार संगठन प्रतिबंधों को मुक्त भाषण पर हमला बताते हैं और अदालतों से ट्रंप प्रशासन को रोकने का अनुरोध करते हैं।
कथा संवैधानिकता पर निर्भर करती है, मामले को कार्यकारी अतिक्रमण के खिलाफ मौलिक अधिकारों की रक्षा के रूप में प्रस्तुत करती है।
यह ब्लॉक ICC को खत्म करने के व्यापक राजनयिक अभियान और ट्रंप की कार्रवाइयों के सामरिक संदर्भ को छोड़ देता है, केवल कानूनी चुनौती पर ध्यान केंद्रित करता है।
ट्रंप प्रशासन राजनयिक अभियान और प्रतिबंधों के साथ ICC को खत्म करने का इरादा रखता है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था को खतरा है।
कथा खतरों का एक पदानुक्रम बनाती है, प्रतिबंधों को अदालत को नष्ट करने की एक समन्वित योजना के हिस्से के रूप में वर्णित करती है, 'रोडमैप' और 'खत्म' जैसी भाषा का उपयोग करती है।
यह ब्लॉक कानूनी चुनौती और मुक्त भाषण तर्क को छोड़ देता है, केवल कार्यकारी कार्रवाई और उसके सामरिक इरादे पर ध्यान केंद्रित करता है।
वकालत समूह तर्क देते हैं कि प्रतिबंध प्रथम संशोधन का उल्लंघन करते हैं और अदालत से हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हैं।
समाचार को मुकदमेबाजी के तथ्यात्मक विवरण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, बिना सामरिक संदर्भ या व्यापक निहितार्थों पर जोर दिए।
यह ब्लॉक व्यापक राजनयिक अभियान और यूरोपीय ब्लॉक के अलार्मिस्ट स्वर, साथ ही दक्षिण एशियाई और दक्षिण पूर्व एशियाई ब्लॉकों में जोर दिए गए विशिष्ट फिलिस्तीनी अधिकारों के कोण को छोड़ देता है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
हमास ने खलील अल-हय्या को नया राजनीतिक प्रमुख चुना, ईरान समर्थित धड़े की मजबूती
8 भाषाएँ · 24 स्रोत
Economy & Markets सेहोर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से तेल 90 डॉलर के पार, वैश्विक आपूर्ति पर संकट
8 भाषाएँ · 21 स्रोत
Technology सेचीन के किमी K3 ने AI बाज़ार में मचाई हलचल, कंप्यूट संकट से नए सब्सक्रिप्शन रोके
5 भाषाएँ · 9 स्रोत