
यौन उत्पीड़न के आरोपों पर ICC अभियोजक को पद से हटाया गया, 82 सदस्य देशों ने दी मंजूरी
यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद करीम ख़ान को पद से हटाने के लिए 82 सदस्य देशों ने मतदान किया; इस ऐतिहासिक फैसले से उच्च-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय मामलों और न्यायालय की स्वतंत्रता पर व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की 125 सदस्य देशों वाली महासभा ने शुक्रवार को गुप्त मतदान में मुख्य अभियोजक करीम ख़ान को 'गंभीर कदाचार' और 'पदीय कर्तव्यों के गंभीर उल्लंघन' के आरोपों में पद से हटा दिया। 63 के आवश्यक बहुमत के मुक़ाबले 82 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, केवल 13 ने विरोध में मतदान किया और 15 अनुपस्थित रहे। फ़ैसले के तुरंत बाद ख़ान के वकील तैयब अली ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बयान जारी कर कहा कि उनके मुवक्किल इस निर्णय को 'सभी उपलब्ध क़ानूनी माध्यमों' से चुनौती देंगे और प्रक्रिया में उनके बचाव के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
ख़ान पर मार्च 2024 में उनकी ही टीम की एक महिला सहयोगी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता सारा (मलेशियाई वकील) ने हाल ही में एक साक्षात्कार में बताया कि वह 'कोशिशों की बढ़ती सीढ़ी' का शिकार हुईं और शक्ति के असंतुलन के कारण सहमति की कोई संभावना नहीं थी। इज़राइल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने इस क़दम का स्वागत करते हुए इसे 'लंबे समय से प्रतीक्षित' बताया और ख़ान पर इज़राइली नेताओं के ख़िलाफ़ 'निंदनीय' गिरफ़्तारी वारंट जारी कर ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने न्यायालय को 'असाध्य रूप से भ्रष्ट' बताते हुए ख़ान के जाने पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन संस्था पर हमला जारी रखा। दूसरी ओर, ह्यूमन राइट्स वॉच जैसे मानवाधिकार संगठनों ने न्यायालय की स्वतंत्रता और सभी मामलों में निरंतर कार्रवाई की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
ख़ान के हटाए जाने से आईसीसी के समक्ष लंबित कई उच्च-स्तरीय मामलों पर अनिश्चितता बढ़ गई है। उनके कार्यकाल में कोर्ट ने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षामंत्री योआव गैलांट के साथ-साथ हमास नेताओं के ख़िलाफ़ गाज़ा युद्ध के संदर्भ में गिरफ़्तारी वारंट जारी किए थे; साथ ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ख़िलाफ़ भी वारंट जारी हुआ था। इन कार्रवाइयों के प्रतिउत्तर में अमेरिका ने ख़ान और कई न्यायाधीशों पर प्रतिबंध लगा दिए थे। लैटिन अमेरिकी राजनयिक सूत्रों के अनुसार, इस घटनाक्रम से वेनेज़ुएला, कोलंबिया और मध्य अमेरिका से जुड़ी जाँचों की प्रगति प्रभावित हो सकती है, क्योंकि नया अभियोजक प्राथमिकताएँ बदल सकता है।
ख़ान मई 2025 से अस्थायी रूप से पद से हट चुके थे और जून में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। 2021 में नियुक्त इस ब्रिटिश वकील का कार्यकाल नौ साल का था। वर्तमान में उप-अभियोजक कार्यवाहक रूप से काम संभाल रहे हैं। सदस्य देशों की महासभा को अब नए मुख्य अभियोजक के चुनाव की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करनी होगी। विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आईसीसी की आंतरिक कार्यप्रणाली और राजनीतिक दबाव झेलने की क्षमता की कड़ी परीक्षा है। ख़ान की क़ानूनी चुनौती के बावजूद, फ़िलहाल न्यायालय का काम जारी रहेगा, और आने वाले सप्ताहों में कार्यवाहक नेतृत्व के तहत मामलों की सुनवाई पर असर देखा जाएगा।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
पत्रकार मिलन में ट्रम्प का तीखा रुख: 'ट्रम्प 2028' टोपी और मीडिया पर हमलों ने संवैधानिक बहस छेड़ी
12 भाषाएँ · 55 स्रोत
Economy & Markets सेरूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में कीव के पास हथियार प्रदर्शनी तबाह, 10 मृत, 100 घायल
5 भाषाएँ · 10 स्रोत
Technology सेडॉग एजेंसी का अंत: एलन मस्क ने स्वीकारा राजनीति में अति, एआई और रोबोट पर भविष्यवाणी
3 भाषाएँ · 5 स्रोत