
बेल्जियम को मिस्र के खिलाफ आत्मघाती गोल से बचा हार का मुंह, 1-1 से ड्रॉ
मोहम्मद सलाह के जन्मदिन पर मिस्र ने बेल्जियम को चौंकाया, लेकिन रोमेलू लुकाकू के आने से मैच 1-1 से बराबर हुआ और मिस्र की विश्व कप में पहली जीत का इंतजार जारी रहा।
सिएटल के लुमेन फील्ड में सोमवार रात खेले गए ग्रुप जी के शुरुआती मुकाबले में मिस्र ने दिग्गज बेल्जियम को एक और ऐतिहासिक निराशा के करीब पहुंचा दिया, लेकिन रोमेलू लुकाकू के मैदान में आते ही तस्वीर बदल गई। मिस्र के मिडफील्डर इमाम अशूर ने 20वें मिनट में मोहम्मद सलाह की शानदार असिस्ट पर बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह सलाह के 34वें जन्मदिन पर एक सपने जैसी शुरुआत थी, लेकिन दूसरे हाफ में बेल्जियम के कोच रूडी गार्सिया ने लुकाकू को उतारा और नापोली के इस स्ट्राइकर ने महज 28 सेकंड के भीतर मोहम्मद हनी से आत्मघाती गोल करवाकर स्कोर 1-1 कर दिया।
यूरोपीय मीडिया ने इस ड्रॉ को बेल्जियम की ‘गोल्डन जेनरेशन’ के आखिरी मौके पर एक कमजोर शुरुआत के रूप में देखा। स्पेन के एल यूनिवर्सल और अर्जेंटीना के नोटिसियास अर्जेंटिनास जैसे अखबारों ने रेखांकित किया कि केविन डी ब्रुने और थिबॉ कोर्टुआ जैसे सितारों के बावजूद टीम पहले हाफ में एक भी शॉट गोल पर नहीं लगा सकी। वहीं अफ्रीकी और एशियाई स्रोतों ने मिस्र के संघर्ष को केंद्र में रखा। इंडोनेशिया के अंतरा और सीएनएन इंडोनेशिया ने लिखा कि सात बार की अफ्रीका चैंपियन मिस्र अब भी विश्व कप में पहली जीत का इंतजार कर रही है, हालांकि ईरान और न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी मैचों में यह सिलसिला टूट सकता है।
तकनीकी नजरिए से देखें तो बेल्जियम ने पूरे खेल में गेंद पर नियंत्रण रखा और डी ब्रुने का एक फ्री किक पोस्ट से टकराकर बाहर चला गया, लेकिन मिस्र की रक्षापंक्ति ने अनुशासित खेल दिखाया। कोर्टुआ ने कई मौकों पर अफ्रीकी टीम को दूसरा गोल करने से रोका। सलाह, जो लिवरपूल छोड़ने के बाद फिलहाल किसी क्लब से नहीं जुड़े हैं, पूरे मैच में प्रभावशाली रहे और उनकी मौजूदगी ने मिस्र के आक्रमण को धार दी। लुकाकू के आने से पहले बेल्जियम की आक्रामकता बिखरी नजर आई, लेकिन उनके शारीरिक खेल ने हनी को गलती करने पर मजबूर कर दिया।
इस ड्रॉ के बाद ग्रुप जी की समीकरण दिलचस्प हो गए हैं। बेल्जियम और मिस्र दोनों को एक-एक अंक मिला है, जबकि ईरान और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला मुकाबला तय करेगा कि कौन शीर्ष पर रहेगा। बेल्जियम के लिए यह टूर्नामेंट 2018 की तीसरी पोजीशन से आगे बढ़ने का संभवतः अंतिम अवसर है, वहीं मिस्र के युवा खिलाड़ी इस प्रदर्शन से आत्मविश्वास लेकर आगे बढ़ेंगे। दोनों टीमों के लिए अगले मैच जीत अनिवार्य हो गए हैं, और यह ड्रॉ पूरे विश्व कप में अंडरडॉग टीमों की बढ़ती ताकत का एक और संकेत है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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मिस्र ने बेल्जियम के खिलाफ ऐतिहासिक ड्रॉ हासिल किया, लचीलापन दिखाया और यूरोपीय दावेदारों को निराश किया। मोहम्मद सलाह ने अपने 34वें जन्मदिन पर असिस्ट किया, लेकिन फराओ अभी भी चार विश्व कप प्रदर्शनों के बाद पहली जीत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। रोमेलु लुकाकू के आने से आत्मघाती गोल हुआ, जिसने मिस्र को प्रतिष्ठित जीत से वंचित कर दिया।
बेल्जियम अपने पहले मैच में लड़खड़ा गया, मिस्र के खिलाफ एक फीके ड्रॉ को बचाने के लिए आत्मघाती गोल की जरूरत पड़ी। अफ्रीकी टीम ने इमाम अशूर के शुरुआती गोल से चौंका दिया, और रेड डेविल्स ने लुकाकू के आने के बाद ही प्रतिक्रिया दी। इस परिणाम से बेल्जियम अपनी पसंदीदा स्थिति से बहुत दूर रह गया।
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