Edition of 20:00 CETगुरुवार, 18 जून 2026
311 स्रोत · 17 भाषाएँआज 1386 ब्रीफिंग
कानून एवं नियमनगुरुवार, 18 जून 2026

यूएई ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगाया प्रतिबंध, अरब जगत में पहला कदम

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए यूएई कैबिनेट ने ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया, जिसके तहत प्लेटफॉर्म्स को 12 महीने के भीतर नए मानक लागू करने होंगे।

संयुक्त अरब अमीरात ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की अध्यक्षता में कैबिनेट ने यह प्रस्ताव पारित किया, जिसके साथ ही यूएई ऐसा कदम उठाने वाला पहला अरब देश बन गया है। यह निर्णय ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा और इंडोनेशिया जैसे देशों की बढ़ती वैश्विक लहर का हिस्सा है, जो बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और ऑनलाइन शोषण की चिंताओं के मद्देनजर सख्त आयु सीमाएं लागू कर रहे हैं।

नए नियमों के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत खाता नहीं बना सकेंगे, न ही उसका संचालन कर सकेंगे। 15 और 16 साल के किशोरों को सीमित पहुंच दी जाएगी, जिसमें आयु-उपयुक्त सामग्री नियंत्रण, अज्ञात उपयोगकर्ताओं से बातचीत पर रोक, स्क्रीन समय की सीमा और माता-पिता की निगरानी के उपकरण शामिल होंगे। सबसे अहम बात यह है कि माता-पिता की सहमति भी इस प्रतिबंध को नहीं हटा सकती। प्लेटफॉर्म्स को 12 महीने की संक्रमण अवधि दी गई है, जिसके दौरान उन्हें संबंधित प्राधिकरणों के साथ समन्वय करके तकनीकी और नियामक तैयारियां पूरी करनी होंगी और 15 साल से कम उम्र के किसी भी खाते की निगरानी कर उसे निलंबित या निष्क्रिय करना होगा।

यह कदम बच्चों के सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग और उससे जुड़े डिजिटल जोखिमों की प्रतिक्रिया में उठाया गया है। 2024 के एक सर्वेक्षण के अनुसार यूएई में बच्चे रोजाना औसतन तीन घंटे इन प्लेटफॉर्म्स पर बिताते हैं, जिससे चिंता, ध्यान की कमी, शैक्षणिक कठिनाइयां और कुछ मामलों में बोलने में देरी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। दुबई के एक 12 वर्षीय बच्चे को एक अजनबी से अश्लील तस्वीर मिलने की घटना और आठ साल की उम्र में सोशल मीडिया की लत से जूझ रहे बच्चों की कहानियां अभिभावकों की चिंता को रेखांकित करती हैं। स्क्रीनवाइज यूएई अभियान से जुड़े माता-पिता और शिक्षकों ने इस फैसले का व्यापक स्वागत किया है, इसे साइबरबुलिंग, अनुचित सामग्री और व्यक्तिगत डेटा के दोहन से बचाने वाला “बहुप्रतीक्षित कदम” बताया है।

वैश्विक परिदृश्य में यह प्रतिबंध एक बड़े बदलाव का संकेत है। ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर 2025 में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए दुनिया का पहला विधायी प्रतिबंध लागू किया, जिसके बाद ब्रिटेन ने भी इसी सप्ताह अपने प्रतिबंध की घोषणा की। इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देश भी इसी राह पर चल पड़े हैं। भारत में अभी तक ऐसा कोई कानून नहीं है, लेकिन बच्चों के बीच सोशल मीडिया की बढ़ती पकड़ और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी लत की घटनाओं ने नीति-निर्माताओं और बाल अधिकार संगठनों के बीच बहस तेज कर दी है। दक्षिण एशिया में यूएई का यह मॉडल एक संभावित खाका बन सकता है, खासकर उन देशों के लिए जहां डिजिटल साक्षरता अभी भी एक चुनौती है और पारिवारिक ढांचे में सामूहिक निगरानी की परंपरा मौजूद है।

आगे की राह में सबसे बड़ी चुनौती आयु सत्यापन की प्रभावी व्यवस्था होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल स्व-घोषणा पर निर्भर रहने से प्रतिबंध कमजोर पड़ सकता है, इसलिए बायोमेट्रिक या सरकारी पहचान-पत्र आधारित सत्यापन जैसे कड़े उपायों की जरूरत होगी। यूएई सरकार ने प्लेटफॉर्म्स को तकनीकी तैयारी का पर्याप्त समय दिया है, लेकिन इस दौरान अभिभावकों और स्कूलों की भूमिका भी अहम रहेगी। यह प्रस्ताव न केवल एक कानूनी बाध्यता है, बल्कि डिजिटल युग में बचपन की सुरक्षा को फिर से परिभाषित करने का एक वैश्विक प्रयास है, जिसके दूरगामी सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव पूरे क्षेत्र में महसूस किए जाएंगे।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ

32%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa del Golfo araboStampa russa e CSI
Stampa del Golfo arabo
trionfopragmatismo

संयुक्त अरब अमीरात ने अरब जगत में एक अग्रणी कदम उठाते हुए 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाकर डिजिटल खतरों से बचाने का प्रयास किया है। 12 महीने की संक्रमण अवधि वाला यह प्रस्ताव बाल सुरक्षा का एक उन्नत मॉडल पेश करता है और नाबालिगों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने की वैश्विक लहर के अनुरूप है।

Stampa russa e CSI/ stato
scetticismopaternalismo

संयुक्त अरब अमीरात ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके पीछे डिजिटल जोखिमों में कथित वृद्धि और 'अस्वीकार्य' सामग्री तक पहुंच का हवाला दिया गया है। प्रतिबंधों की बढ़ती वैश्विक प्रवृत्ति का हिस्सा यह कदम, असली मंशा और हानिकारक सामग्री की परिभाषा पर सवाल खड़े करता है।

संबंधित लेख

और पढ़ें
अंतिम समाचार
वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में स्विट्जरलैंड का ताज छिना, सिंगापुर और हांगकांग शीर्ष पर·बीटल्स की वापसी: फिल्म सेट से तस्वीरें, मैकार्टनी का नया एल्बम और 84वां जन्मदिन·नींद का समय और गुणवत्ता: मानसिक-हृदय स्वास्थ्य पर नए वैश्विक संकेत·ईरान के साथ युद्धविराम पर ट्रंप के हस्ताक्षर, तेल कीमतें युद्ध-पूर्व स्तर पर; आलोचकों को 'मूर्ख' कहा·चीन की आर्थिक चुनौती और बजट विवाद के बीच यूरोपीय संघ का दोहरा संकट·अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बीच इज़राइल का दक्षिण लेबनान में ड्रोन हमला, एक की मौत·अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौता: 14 सूत्रीय इस्लामाबाद ज्ञापन पर हस्ताक्षर, 60 दिन की बातचीत शुरू·ग्वादलाहारा में दक्षिण कोरियाई अभ्यास पर ड्रोन की निगरानी, मैक्सिकन सेना ने किया निष्प्रभावी·वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में स्विट्जरलैंड का ताज छिना, सिंगापुर और हांगकांग शीर्ष पर·बीटल्स की वापसी: फिल्म सेट से तस्वीरें, मैकार्टनी का नया एल्बम और 84वां जन्मदिन·नींद का समय और गुणवत्ता: मानसिक-हृदय स्वास्थ्य पर नए वैश्विक संकेत·ईरान के साथ युद्धविराम पर ट्रंप के हस्ताक्षर, तेल कीमतें युद्ध-पूर्व स्तर पर; आलोचकों को 'मूर्ख' कहा·चीन की आर्थिक चुनौती और बजट विवाद के बीच यूरोपीय संघ का दोहरा संकट·अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बीच इज़राइल का दक्षिण लेबनान में ड्रोन हमला, एक की मौत·अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौता: 14 सूत्रीय इस्लामाबाद ज्ञापन पर हस्ताक्षर, 60 दिन की बातचीत शुरू·ग्वादलाहारा में दक्षिण कोरियाई अभ्यास पर ड्रोन की निगरानी, मैक्सिकन सेना ने किया निष्प्रभावी·
अपडेट 02:19 pm4 भाषाएँ · 14 स्रोत
पिछलाकानून एवं नियमनअगला
14 स्रोत|4 भाषाएँ|3 मिनट पढ़ना
गुरुवार, 18 जून 2026

यूएई ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगाया प्रतिबंध, अरब जगत में पहला कदम

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए यूएई कैबिनेट ने ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया, जिसके तहत प्लेटफॉर्म्स को 12 महीने के भीतर नए मानक लागू करने होंगे।

संयुक्त अरब अमीरात ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की अध्यक्षता में कैबिनेट ने यह प्रस्ताव पारित किया, जिसके साथ ही यूएई ऐसा कदम उठाने वाला पहला अरब देश बन गया है। यह निर्णय ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा और इंडोनेशिया जैसे देशों की बढ़ती वैश्विक लहर का हिस्सा है, जो बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और ऑनलाइन शोषण की चिंताओं के मद्देनजर सख्त आयु सीमाएं लागू कर रहे हैं।

नए नियमों के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत खाता नहीं बना सकेंगे, न ही उसका संचालन कर सकेंगे। 15 और 16 साल के किशोरों को सीमित पहुंच दी जाएगी, जिसमें आयु-उपयुक्त सामग्री नियंत्रण, अज्ञात उपयोगकर्ताओं से बातचीत पर रोक, स्क्रीन समय की सीमा और माता-पिता की निगरानी के उपकरण शामिल होंगे। सबसे अहम बात यह है कि माता-पिता की सहमति भी इस प्रतिबंध को नहीं हटा सकती। प्लेटफॉर्म्स को 12 महीने की संक्रमण अवधि दी गई है, जिसके दौरान उन्हें संबंधित प्राधिकरणों के साथ समन्वय करके तकनीकी और नियामक तैयारियां पूरी करनी होंगी और 15 साल से कम उम्र के किसी भी खाते की निगरानी कर उसे निलंबित या निष्क्रिय करना होगा।

यह कदम बच्चों के सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग और उससे जुड़े डिजिटल जोखिमों की प्रतिक्रिया में उठाया गया है। 2024 के एक सर्वेक्षण के अनुसार यूएई में बच्चे रोजाना औसतन तीन घंटे इन प्लेटफॉर्म्स पर बिताते हैं, जिससे चिंता, ध्यान की कमी, शैक्षणिक कठिनाइयां और कुछ मामलों में बोलने में देरी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। दुबई के एक 12 वर्षीय बच्चे को एक अजनबी से अश्लील तस्वीर मिलने की घटना और आठ साल की उम्र में सोशल मीडिया की लत से जूझ रहे बच्चों की कहानियां अभिभावकों की चिंता को रेखांकित करती हैं। स्क्रीनवाइज यूएई अभियान से जुड़े माता-पिता और शिक्षकों ने इस फैसले का व्यापक स्वागत किया है, इसे साइबरबुलिंग, अनुचित सामग्री और व्यक्तिगत डेटा के दोहन से बचाने वाला “बहुप्रतीक्षित कदम” बताया है।

वैश्विक परिदृश्य में यह प्रतिबंध एक बड़े बदलाव का संकेत है। ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर 2025 में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए दुनिया का पहला विधायी प्रतिबंध लागू किया, जिसके बाद ब्रिटेन ने भी इसी सप्ताह अपने प्रतिबंध की घोषणा की। इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देश भी इसी राह पर चल पड़े हैं। भारत में अभी तक ऐसा कोई कानून नहीं है, लेकिन बच्चों के बीच सोशल मीडिया की बढ़ती पकड़ और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी लत की घटनाओं ने नीति-निर्माताओं और बाल अधिकार संगठनों के बीच बहस तेज कर दी है। दक्षिण एशिया में यूएई का यह मॉडल एक संभावित खाका बन सकता है, खासकर उन देशों के लिए जहां डिजिटल साक्षरता अभी भी एक चुनौती है और पारिवारिक ढांचे में सामूहिक निगरानी की परंपरा मौजूद है।

आगे की राह में सबसे बड़ी चुनौती आयु सत्यापन की प्रभावी व्यवस्था होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल स्व-घोषणा पर निर्भर रहने से प्रतिबंध कमजोर पड़ सकता है, इसलिए बायोमेट्रिक या सरकारी पहचान-पत्र आधारित सत्यापन जैसे कड़े उपायों की जरूरत होगी। यूएई सरकार ने प्लेटफॉर्म्स को तकनीकी तैयारी का पर्याप्त समय दिया है, लेकिन इस दौरान अभिभावकों और स्कूलों की भूमिका भी अहम रहेगी। यह प्रस्ताव न केवल एक कानूनी बाध्यता है, बल्कि डिजिटल युग में बचपन की सुरक्षा को फिर से परिभाषित करने का एक वैश्विक प्रयास है, जिसके दूरगामी सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव पूरे क्षेत्र में महसूस किए जाएंगे।

स्रोतों में मतभेद

कानून एवं नियमन · 14 स्रोत · 4 भाषाएँ

32%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक80%
निंदक20%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa del Golfo araboStampa russa e CSI
Stampa del Golfo arabo
trionfopragmatismo

संयुक्त अरब अमीरात ने अरब जगत में एक अग्रणी कदम उठाते हुए 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाकर डिजिटल खतरों से बचाने का प्रयास किया है। 12 महीने की संक्रमण अवधि वाला यह प्रस्ताव बाल सुरक्षा का एक उन्नत मॉडल पेश करता है और नाबालिगों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने की वैश्विक लहर के अनुरूप है।

Stampa russa e CSI/ stato
scetticismopaternalismo

संयुक्त अरब अमीरात ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके पीछे डिजिटल जोखिमों में कथित वृद्धि और 'अस्वीकार्य' सामग्री तक पहुंच का हवाला दिया गया है। प्रतिबंधों की बढ़ती वैश्विक प्रवृत्ति का हिस्सा यह कदम, असली मंशा और हानिकारक सामग्री की परिभाषा पर सवाल खड़े करता है।

यह समाचार यहाँ छपा

14 स्रोत · 4 भाषाएँ

संबंधित लेख

राजनीति

अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौता: 14 सूत्रीय इस्लामाबाद ज्ञापन पर हस्ताक्षर, 60 दिन की बातचीत शुरू

9 भाषाएँ · 33 स्रोत

खेल

मेसी के पिता की बीमारी पर परिवार का बयान: अफवाहों पर रोक, निजता की अपील

9 भाषाएँ · 28 स्रोत

Media & Entertainment

GTA VI का इंतजार खत्म: 25 जून से प्री-ऑर्डर शुरू, रॉकस्टार ने जारी किया आधिकारिक कवर

6 भाषाएँ · 12 स्रोत

और पढ़ें