
सना हवाई अड्डे पर हमले के बाद हूती-सऊदी तनाव चरम पर, मिसाइल जवाबी कार्रवाई
यमन के सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई हमलों और उसके बाद हूती बलों द्वारा सऊदी अरब पर मिसाइल हमले ने 2022 के युद्धविराम को तोड़ते हुए क्षेत्रीय तनाव को नए सिरे से भड़का दिया है।
सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर सोमवार को हुए हवाई हमलों ने यमन में वर्षों के सापेक्षिक ठहराव के बाद सैन्य टकराव को फिर से हवा दे दी। हूती नियंत्रित मीडिया ने इन हमलों के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के रक्षा मंत्रालय ने स्वयं इसकी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह कार्रवाई एक ईरानी विमान को उतरने से रोकने के लिए की गई। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इसे ‘सऊदी अरब द्वारा तनाव कम करने के चरण की समाप्ति’ करार दिया और चेतावनी दी कि इसका उत्तर अवश्य दिया जाएगा। इसके कुछ ही घंटों बाद, हूती बलों ने दक्षिणी सऊदी अरब के आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और असीर क्षेत्र पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया, जिसकी पुष्टि सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने भी की।
विभिन्न पक्षों की स्थिति इस संकट के जटिल आयामों को उजागर करती है। हूती नेतृत्व और उसके समर्थक मीडिया के अनुसार, सऊदी अरब ने सीधे हवाई हमले कर युद्धविराम का उल्लंघन किया और यह कदम अमेरिकी-इजरायली इशारे पर उठाया गया ताकि यमन की हवाई नाकेबंदी बनी रहे। हूती अधिकारियों ने तेहरान-सना सीधी उड़ानों को ‘15 वर्षों की नाकेबंदी तोड़ने वाला कदम’ बताया और भविष्य में भी ऐसी उड़ानें जारी रखने की घोषणा की। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमन सरकार का कहना है कि ईरानी विमानों का सना में उतरना देश की संप्रभुता का उल्लंघन है और इन उड़ानों के जरिये सैन्य विशेषज्ञ व उपकरण भेजे जा रहे हैं। सरकार ने हूती प्रतिनिधियों को यमन एयरवेज के विमानों के इस्तेमाल का प्रस्ताव दिया था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। सऊदी अरब ने सना हमले पर सीधे कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उसके गठबंधन ने हूती मिसाइलों को नाकाम करने का दावा किया।
इस घटनाक्रम के दूरगामी क्षेत्रीय प्रभाव हैं। तेहरान-सना उड़ानों का मुद्दा ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के साथ जुड़ गया है, जहाँ यमन को एक बार फिर छद्म युद्ध का मैदान बनाए जाने की आशंका है। हूती बलों ने सभी एयरलाइनों को सऊदी हवाई क्षेत्र से बचने की चेतावनी दी है, जिससे लाल सागर गलियारे में नागरिक उड्डयन की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। दक्षिण एशिया के लिए, विशेष रूप से भारत के लिए, यह क्षेत्र ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है; किसी भी व्यापक सैन्य टकराव से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और कच्चे तेल की कीमतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
यह ताजा संकट अप्रैल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से लागू हुए युद्धविराम की नाजुक स्थिति को रेखांकित करता है, जिसने औपचारिक अवधि समाप्त होने के बाद भी हिंसा में कमी रखी थी। मार्च 2023 में सऊदी-ईरानी राजनयिक संबंधों की बहाली के बाद यमन में स्थायी शांति की उम्मीदें बढ़ी थीं, लेकिन सना हवाई अड्डे के संचालन और हवाई नाकेबंदी को लेकर मतभेद बरकरार रहे। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हांस ग्रुंडबर्ग ने सभी पक्षों से तनाव कम करने और बातचीत फिर से शुरू करने का आग्रह किया है। फिलहाल, यमन के सभी हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, हालांकि बाद में हवाई क्षेत्र फिर से खोल दिया गया। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या यह टकराव एक सीमित आदान-प्रदान बनकर रह जाता है या यमन में पूर्ण पैमाने की लड़ाई की वापसी का कारण बनता है।
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −0.90 | critical |
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| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.40 | aligned |
| अरब खाड़ी प्रेस | +0.30 | aligned |
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | −0.90 | critical |
ईरान सऊदी आक्रमण की निंदा करता है और प्रतिशोध का वादा करता है, हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताता है।
हवाई अड्डे को नागरिक सुविधा और विमान को यात्री विमान बताकर, कथा प्रतिशोध के लिए नैतिक अनिवार्यता बनाती है।
यमन सरकार द्वारा जिम्मेदारी लेने और ईरानी विमान के सैन्य कर्मियों को ले जाने के संदर्भ को छोड़ देता है।
वैध यमन सरकार एक ईरानी विमान को उतरने से रोकने के लिए हवाई अड्डे पर हमला करके अपनी संप्रभुता की रक्षा करती है।
आधिकारिक बयानों का हवाला देकर और हूती को मिलिशिया कहकर, कथा हमले को संप्रभुता के कानूनी कार्य के रूप में वैध बनाती है।
यह छोड़ देता है कि हमला यमन बलों द्वारा नहीं बल्कि सऊदी विमानों द्वारा किया गया था, और हवाई अड्डा मानवीय उड़ानों के लिए उपयोग की जाने वाली नागरिक सुविधा है।
सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन हूती मिसाइलों को रोकने की पुष्टि करता है और यमन सरकार की रक्षात्मक कार्रवाई का समर्थन करता है।
अवरोधन पर जोर देकर और हूती मिसाइल हमले को अकारण बताकर, कथा प्रारंभिक हवाई हमले को पूर्व-निवारक रक्षा के रूप में उचित ठहराती है।
हूती के दावे को छोड़ देता है कि सऊदी हमले ने डी-एस्केलेशन समझौते को तोड़ दिया और ईरानी विमान एक नागरिक उड़ान थी।
यमनी बल (हूती) सऊदी आक्रमण की निंदा करते हैं और प्रतिशोध की धमकी देते हैं, हमले को युद्ध अपराध बताते हैं।
'आक्रमण' और 'युद्ध अपराध' जैसे शब्दों का उपयोग करके और हूती सैन्य स्रोतों का हवाला देकर, कथा एक स्पष्ट पीड़ित-अपराधी द्वंद्व बनाती है।
यमन सरकार द्वारा जिम्मेदारी लेने और ईरानी सैन्य उड़ानों के संदर्भ को छोड़ देता है।
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