
ट्रंप का दावा: ईरान समझौता 'बिना शर्त आत्मसमर्पण', वैश्विक मंदी की आशंका ने बदला रुख
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन को 'संभवतः बिना शर्त आत्मसमर्पण' बताया, लेकिन स्वीकार किया कि युद्ध जारी रहने से हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहता और वैश्विक आर्थिक मंदी आ सकती थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक्सियोस को दिए साक्षात्कार में दावा किया कि ईरान के साथ हुआ समझौता ज्ञापन "संभवतः बिना शर्त आत्मसमर्पण" जैसा है, क्योंकि अमेरिका ने ईरान को सैन्य रूप से पूरी तरह हरा दिया था। उन्होंने अपने नौसैनिक घेराबंदी का हवाला देते हुए कहा कि कोई जहाज पार नहीं कर सका। हालाँकि, ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि युद्ध जारी रखने का एकमात्र विकल्प भीषण बमबारी था, जिससे हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुल नहीं पाता और दुनिया को महीनों तक तेल नहीं मिलता, जो वैश्विक मंदी या आर्थिक संकट का कारण बन सकता था। उन्होंने कहा कि शेयर बाज़ार रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं और तेल की कीमतें गिर रही हैं, इसलिए आलोचक "मूर्ख" हैं। यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिका और ईरान के राष्ट्रपतियों ने डिजिटल हस्ताक्षर के ज़रिए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन को मंज़ूरी दी, जो 60 दिनों की व्यापक वार्ता का मार्ग प्रशस्त करता है।
अमेरिकी घरेलू राजनीति में इस समझौते पर तीखी प्रतिक्रियाएँ उभरीं। प्रभावशाली यहूदी संगठन आईपैक ने चेतावनी दी कि प्रारंभिक समझौता कई सवाल खड़े करता है और कांग्रेस को पूर्ण विवरण तक पहुँच होनी चाहिए। उसने माँग की कि अंतिम समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को स्थायी और सत्यापन योग्य रूप से समाप्त करे, सभी संवर्धित यूरेनियम भंडार देश से बाहर निकाले जाएँ और संवर्धन सुविधाएँ ध्वस्त की जाएँ, साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रम तथा क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को वित्तपोषण भी वार्ता का हिस्सा बने। डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने ट्रंप की "अक्षमता" पर निशाना साधते हुए कहा कि डेमोक्रेट ईरान को 300 अरब डॉलर देने की किसी योजना का समर्थन नहीं करेंगे। वहीं, कुछ रिपब्लिकन सीनेटर भी हैरान थे—बिल कैसिडी ने कहा कि "ईरान मज़बूत हुआ, हम कमज़ोर," जबकि उपराष्ट्रपति जे.डी. वांस ने इज़राइली आलोचकों को फटकारते हुए अमेरिकी सहायता की याद दिलाई।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएँ मिली-जुली रहीं। इज़राइल अमेरिका के साथ "कड़ी बातचीत" कर रहा है ताकि दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर की गहराई तक अपनी सेनाएँ बनाए रख सके; उसके हमले जारी रहे, जिससे तेहरान के वार्ताकारों की स्विट्ज़रलैंड यात्रा स्थगित हो गई। कार्नेगी एंडोमेंट ने आगाह किया कि समझौता ज्ञापन में अस्पष्टता—जैसे परमाणु कार्यक्रम की "यथास्थिति" और संवर्धन का भविष्य—पिछले असफल समझौतों की तरह व्याख्या विवाद और पतन का कारण बन सकती है। दस्तावेज़ के अनुसार, ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई, संवर्धित सामग्री के भंडार को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में पतला करने पर सहमति जताई, और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन के लिए ओमान के साथ बातचीत करने का वचन दिया। अमेरिका ने नौसैनिक घेराबंदी हटाने, 30 दिनों में सेना वापस बुलाने और 300 अरब डॉलर की पुनर्निर्माण योजना का वादा किया।
आगे की राह चुनौतियों से भरी है। 60 दिनों की वार्ता अवधि में परमाणु मुद्दे, प्रतिबंध हटाने की समय-सीमा और पुनर्निर्माण कोष जैसे जटिल विषय सुलझाने होंगे। दक्षिण एशिया, विशेषकर भारत के लिए, हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिरता ऊर्जा सुरक्षा का केंद्र है; युद्ध के दौरान तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर दबाव पड़ता। ट्रंप का यह स्वीकारोक्ति कि वैश्विक मंदी से बचने के लिए समझौता किया, इस अंतर्निर्भरता को रेखांकित करता है। हालाँकि, अगर अंतिम समझौता अस्पष्ट रहा या वाशिंगटन में राजनीतिक विरोध और इज़राइली दबाव के कारण पटरी से उतरा, तो न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत जैसे उभरते बाज़ारों के लिए अनिश्चितता बनी रहेगी। कार्नेगी की चेतावनी सटीक है: बिना स्पष्टता के, यह समझौता भी बरजाम जैसे पूर्ववर्ती समझौतों के भाग्य को प्राप्त हो सकता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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ईरानी मीडिया ने ट्रंप के इस स्वीकारोक्ति पर जोर दिया कि उन्होंने तेल आपूर्ति में व्यवधान से वैश्विक मंदी को रोकने के लिए बातचीत की, और बिना शर्त आत्मसमर्पण के उनके दावे को डींग हांकने वाला अतिशयोक्ति बताया। वे युद्ध को अनुचित और समझौते को सैन्य हार के बजाय आर्थिक मजबूरी से प्रेरित बताते हैं।
अमेरिका-समर्थित मीडिया ट्रंप के उस बयान को पेश करता है कि ज्ञापन ईरान द्वारा बिना शर्त आत्मसमर्पण के बराबर है, और एक ऐसे नौसैनिक नाकेबंदी के माध्यम से अमेरिकी सैन्य श्रेष्ठता का प्रदर्शन करता है जिसे कोई जहाज पार नहीं कर सका। वे राष्ट्रपति की निर्णायक कार्रवाई का जश्न मनाते हैं और परिणाम को एक स्पष्ट जीत के रूप में पेश करते हैं।
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