
इंग्लैंड के होटल पर मेक्सिको फैंस का हंगामा, आतिशबाजी और बैंड की धुनों से नींद उड़ाने की कोशिश
मेक्सिको बनाम इंग्लैंड वर्ल्ड कप प्री-क्वार्टर फाइनल से पहले, मैक्सिकन फैंस ने इंग्लिश टीम के होटल के बाहर जोरदार सुरक्षा के बावजूद आतिशबाजी और शोर-शराबा कर खिलाड़ियों की नींद खराब करने की कोशिश की।
शनिवार की देर रात, मेक्सिको सिटी के सांता फ़े इलाके में स्थित इंग्लैंड टीम के होटल जेडब्ल्यू मैरियट के बाहर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। तड़के करीब एक बजे, लगभग 45 मैक्सिकन प्रशंसक वहां पहुंचे और ढोल, तुरही, बैंड और आतिशबाजी की मदद से इतना शोर मचाया मानो मैदान पर ही जीत का जश्न मना रहे हों। उनका मकसद साफ था – इंग्लिश खिलाड़ियों की नींद हराम कर देना, ताकि वे अगले दिन के निर्णायक मुकाबले में थके हुए उतरें।
हालांकि, इस बार हालात कुछ अलग थे। इक्वाडोर के खिलाफ पिछले मैच से पहले हुई ऐसी ही 'सेरेनेड' के बाद इंग्लिश फुटबॉल एसोसिएशन ने पहले से ही कड़ी सुरक्षा की मांग की थी। नेशनल गार्ड, मरीन और पुलिस के करीब 500 जवानों ने होटल के चारों ओर बैरिकेडिंग कर रखी थी, सड़कें बंद थीं और तीन सुरक्षा घेरे लगाए गए थे। प्रशंसकों को होटल से करीब 200 मीटर दूर एक पुल पर रोक दिया गया, लेकिन वहां से भी उन्होंने पटाखे फोड़े और बैंड की धुनों से माहौल गरमा दिया। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, टीम ने पहले से इयरप्लग लगा रखे थे और इस शोर का उन पर खास असर नहीं पड़ा।
प्रशंसकों के इस कृत्य को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ ने इसे मेक्सिको का पारंपरिक उत्साह बताया, तो वहीं कई प्रशंसकों और मीडिया ने इसकी कड़ी आलोचना की, इसे 'खेल भावना के खिलाफ' करार दिया। वहीं, घटनास्थल पर मौजूद एक ब्रिटिश पत्रकार ने पुलिस से गिरफ्तारी न करने पर सवाल उठाए, लेकिन पुलिस ने केवल भीड़ को खदेड़ने में ही भलाई समझी। इंग्लैंड के कोच थॉमस टूशेल ने हालांकि पूरे मामले को हल्के में लेते हुए मेक्सिको के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद कहा।
खेल के नजरिये से यह मुकाबला बेहद अहम है। विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड, जो फीफा रैंकिंग में चौथे स्थान पर है, का सामना मेज़बान मेक्सिको से है, जिसने टूर्नामेंट में अब तक चार मैच जीते हैं और एक भी गोल नहीं खाया है। यह मैच मेक्सिको सिटी के अज़्टेका स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां समुद्र तल से 2,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई और घरेलू दर्शकों का दबाव इंग्लैंड के सामने बड़ी चुनौती होगी। जो भी टीम यह मुकाबला जीतेगी, वह क्वार्टर फाइनल में ब्राजील और नॉर्वे के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेगी।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.10 | neutral |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.30 | critical |
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.40 | critical |
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
Mexican fans exercise their right to support their team with enthusiasm, but authorities overreact with repression.
The narrative balances the fans' actions and the police reaction, presenting both as excessive but understandable, thereby normalizing the tension.
The narrative omits that fans had previously disturbed Ecuador, implying it is an isolated behavior.
England is a victim of hostile action and must be protected by law enforcement.
The description focuses on the threat to the players, turning a fan gesture into a security issue.
It does not show the forced eviction of fans nor the previous actions against Ecuador.
Mexican fans act increasingly boldly, defying security measures.
The narrative establishes a sequence of events (Ecuador, then England) to create a sense of progressive escalation.
It does not mention that fans were eventually evicted by police, nor their intention to support the team.
The authorities respond decisively to ensure the safety and rest of the English team.
The account focuses on the institutional response, presenting the measures as necessary and proportionate.
It does not describe the fans' actions or their eviction; the viewpoint is solely on the security response.
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