
ईरान युद्ध पर अमेरिकी जनता का समर्थन घटा, ट्रंप के लक्ष्यों पर संदेह: सर्वेक्षण
रॉयटर्स/इप्सोस सर्वेक्षण में केवल एक-तिहाई अमेरिकी युद्ध के पक्ष में, 69% का मानना है कि ट्रंप ने सैन्य हस्तक्षेप के उद्देश्य स्पष्ट नहीं किए।
रॉयटर्स और इप्सोस के एक नए सर्वेक्षण के अनुसार, ईरान के खिलाफ जारी युद्ध को अमेरिकी जनता का समर्थन गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। केवल 33 प्रतिशत अमेरिकी इस सैन्य कार्रवाई के पक्ष में हैं, जबकि 69 प्रतिशत का मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य भागीदारी के लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से नहीं समझाया है। यह आंकड़ा पिछले पांच महीनों से चल रहे संघर्ष के शुरुआती दिनों के मुकाबले भी कम है। गैलप के ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, इराक युद्ध के शुरुआती महीनों में लगभग 70 प्रतिशत और अफगानिस्तान युद्ध के दौरान 90 प्रतिशत अमेरिकियों ने समर्थन दिया था। इसी सर्वेक्षण में ट्रंप की अनुमोदन रेटिंग 37 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले महीने के न्यूनतम स्तर से तीन अंक ऊपर है, लेकिन फिर भी 40 प्रतिशत से नीचे बनी हुई है।
रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी युद्ध को लेकर बेचैनी बढ़ रही है, खासकर नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले। फॉक्स न्यूज की प्रस्तोता लॉरा इंग्राहम ने सार्वजनिक रूप से कहा कि 'समय तेजी से बीत रहा है और ट्रंप को चुनाव से पहले इस युद्ध से बाहर निकलना होगा।' हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने युद्ध के महत्व को दोहराने के बाद यह भी कहा कि 'अब हमें इसे समाप्त करना होगा।' सीनेटर बिल कैसिडी ने सीएनएन पर कहा कि राष्ट्रपति को प्रारंभिक उद्देश्यों को प्राप्त करने का अवसर मिला था, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, ट्रंप ने जोर देकर कहा है कि मध्यावधि चुनावों का उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कहा कि राष्ट्रपति 'अस्थिर जनमत सर्वेक्षणों' के आधार पर निर्णय नहीं लेंगे और उनका संकल्प ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
युद्ध के आर्थिक प्रभाव भी स्पष्ट हैं। देशभर में पेट्रोल की कीमतें औसतन 4 डॉलर प्रति गैलन से अधिक हो गई हैं, जो 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने से पहले लगभग 3 डॉलर थीं। इससे कई अमेरिकी परिवारों की वित्तीय स्थिति पर दबाव पड़ा है। साथ ही, अब तक 18 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और पेंटागन ने हाल ही में 140 से अधिक अतिरिक्त घायलों को दर्ज किया, जिससे कुल घायलों की संख्या 600 से अधिक हो गई है। मार्च में हुए एक सर्वेक्षण में 42 प्रतिशत रिपब्लिकन और 53 प्रतिशत निर्दलीय मतदाताओं ने कहा था कि अमेरिकी सैनिकों की मृत्यु या चोट से युद्ध के प्रति उनका विरोध बढ़ सकता है। रिपब्लिकन रणनीतिकार एलेक्स कॉनेंट के अनुसार, 'यह पार्टी पर कई तरह से दबाव डालता है, सभी नकारात्मक।'
सैन्य गतिरोध के बीच ट्रंप प्रशासन के सामने सीमित विकल्प हैं। ट्रंप ने बार-बार ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी दी है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है। खर्ग द्वीप या होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर नियंत्रण के लिए जमीनी सेना की जरूरत होगी, जिसका अमेरिकी जनता भारी विरोध कर रही है। सीएनएन के एक सर्वेक्षण में 68 प्रतिशत ने इसका विरोध किया। हाल ही में ट्रंप ने 'अब तक का सबसे बड़ा हमला' करने की बात कही, लेकिन इसके बाद सप्ताहांत में हमले रोक दिए गए और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइकल वॉल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति 'बातचीत को एक मौका दे रहे हैं।'
सीबीएस/यूगॉव सर्वेक्षण के अनुसार, 37 प्रतिशत अमेरिकियों का मानना है कि यह संघर्ष महीनों तक जारी रहेगा, जबकि 21 प्रतिशत को वर्षों तक चलने की आशंका है। ईरान अभी भी किसी समझौते में रुचि नहीं दिखा रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण बना हुआ है। अरबी विश्लेषणों में उठाए गए छह सवाल—रिपब्लिकन का दबाव, जलडमरूमध्य का मुद्दा, सैन्य हताहतों का प्रभाव, ट्रंप का संभावित सैन्य विस्तार, और युद्ध समाप्ति का राजनीतिक रास्ता—यह तय करेंगे कि आने वाले महीनों में यह संघर्ष क्या रूप लेता है। मध्यावधि चुनाव नजदीक आने के साथ, प्रशासन पर एक ऐसे युद्ध को समाप्त करने का दबाव बढ़ेगा जिसके उद्देश्यों पर जनता का विश्वास लगातार कमजोर हो रहा है।
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −1.00 | critical |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.20 | neutral |
| अरब खाड़ी प्रेस | −0.50 | critical |
Iran denounces the American war as an illegitimate aggression and highlights the growing domestic dissent in the United States.
The Iranian regime uses the poll data to legitimize its own victim position and delegitimize the US military action, presenting the drop in support as proof of the war's injustice.
The Iranian bloc omits any mention of the suspension of US operations or the possibility of escalation, focusing solely on the poll to show American weakness.
Atlantic media present the poll numbers as an objective indicator of public sentiment, without taking an explicit stance.
The use of statistical data and citation of official sources creates an aura of objectivity, while the selection of quotes (like 'Trump has not explained his goals') implicitly steers the reader toward a negative assessment.
The Atlantic bloc omits the characterization of the war as 'aggressive' or 'illegitimate' found in Iranian and Arabic sources, and leaves out the strategic analysis of the conflict.
The Gulf Arab bloc observes the war with strategic detachment, highlighting the impasse and the fragility of American support.
The use of rhetorical questions and a 'six-point' structure lends an aura of expertise and depth, while mentioning the suspension of operations suggests the United States is losing momentum.
The Gulf Arab bloc omits the exact poll percentages and the slight uptick in Trump's approval, focusing instead on the strategic narrative.
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