
घाना ने अंतिम पलों में पनामा को हराया, अब इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मैच के 'जादू' की उम्मीद
कालेब यिरेन्की के इंजरी-टाइम गोल से घाना ने पनामा को 1-0 से हराकर अपने विश्व कप ग्रुप एल अभियान की विजयी शुरुआत की, और अब अगला मुक़ाबला इंग्लैंड से है जहां इतिहास ब्लैक स्टार्स के पक्ष में खड़ा दिखता है।
टोरंटो के बीएमओ फील्ड पर बुधवार की रात जब मैच गोलरहित ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था, तब घाना के मिडफील्डर कालेब यिरेन्की ने पाँचवें मिनट के अतिरिक्त समय में एक शानदार गोल दागकर पूरे स्टेडियम को झूमने पर मजबूर कर दिया। यह गोल न सिर्फ ब्लैक स्टार्स के लिए तीन अंक लेकर आया, बल्कि 2026 फीफा विश्व कप में ग्रुप एल की तालिका में उन्हें मज़बूत स्थिति में खड़ा कर गया। खिलाड़ी और स्टाफ खुशी से झूम उठे, डिफेंडर जेरोम ओपोकू ने इस जीत को 'परफेक्ट रिजल्ट' करार दिया, तो कप्तान जॉर्डन आयू ने टीम के धैर्य और दूसरे हाफ में दिखे आक्रामक रवैये की तारीफ की।
पहले हाफ में पनामा ने गेंद पर नियंत्रण रखा और घाना के लिए मौके बनाना मुश्किल कर दिया। स्टेडियम का शोर इतना ज़्यादा था कि मैदान पर खिलाड़ियों के बीच बातचीत तक बाधित हो रही थी, लेकिन मध्यांतर के बाद तस्वीर बदल गई। डिफेंडर गिडियन मेन्साह ने बाद में कहा कि टीम को पता था कि कुछ न कुछ होने वाला है—और आखिरी क्षणों में वही हुआ। बेंच से उतरे खिलाड़ियों ने ऊर्जा भरी और पूरी टीम ने एकजुट होकर दबाव बनाया, जिसका फल यिरेन्की के उस निर्णायक पल में मिला जिसने स्कोरबोर्ड 1-0 कर दिया।
यह जीत घाना को इंग्लैंड के साथ संयुक्त रूप से ग्रुप में शीर्ष पर ले आई है, जिन्होंने क्रोएशिया को 4-2 से हराया था। अब 23 जून को जिलेट स्टेडियम में दोनों टीमें आमने-सामने होंगी, और यह मुक़ाबला घाना के लिए विशेष मायने रखता है। ब्लैक स्टार्स का विश्व कप इतिहास बताता है कि उनका दूसरा ग्रुप मैच अक्सर अभियान की दिशा तय करता है—2006 में चेक गणराज्य के खिलाफ 2-0 की ऐतिहासिक जीत से लेकर 2022 में दक्षिण कोरिया को 3-2 से हराने तक, घाना ने अपने चारों विश्व कपों में दूसरा मैच कभी नहीं हारा (दो जीत, दो ड्रॉ)। इस प्रदर्शन ने यह उम्मीद जगाई है कि इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकती है।
दूसरी ओर, इंग्लैंड चोटों की चिंताओं से जूझ रहा है। बुकायो साका अचिलीज़ की समस्या से उबर रहे हैं और कोच थॉमस टूशेल ने संकेत दिया है कि उन्हें शुरुआती लाइनअप में नहीं उतारा जाएगा। डेक्लान राइस और मार्कस रैशफोर्ड की फिटनेस पर भी निगरानी रखी जा रही है। हालाँकि, घाना के खिलाड़ी केवल अपनी तैयारी और लड़ाई की भावना पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ओपोकू ने साफ कहा, "हम हर मैच में तीन अंक के लिए जाते हैं—ड्रॉ के लिए नहीं खेल सकते। हमें एक-दूसरे के लिए मर-मिटना होगा।"
ग्रुप एल की यह भिड़ंत इसलिए भी अहम है क्योंकि जीतने वाली टीम नॉकआउट दौर की ओर मज़बूत कदम रखेगी। 2010 के बाद पहली बार क्वार्टर फाइनल तक पहुँचने का सपना देख रहे ब्लैक स्टार्स के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक और खेल नहीं है—यह उस 'दूसरे मैच के जादू' को दोहराने का अवसर है जिसने बार-बार उनके विश्व कप सफर को परिभाषित किया है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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घाना की पनामा पर अंतिम क्षणों में नाटकीय जीत को उनके विश्व कप अभियान की आदर्श शुरुआत बताया गया, जिससे अगले मुकाबले में इंग्लैंड को चुनौती देने का आत्मविश्वास बढ़ा। टीम के लचीलेपन और ऐतिहासिक दूसरे मैच की ताकत पर जोर दिया गया, जिसमें खिलाड़ियों और अधिकारियों ने थ्री लायंस के खिलाफ उलटफेर की उम्मीद जताई।
इंग्लैंड को घाना के खिलाफ विश्व कप मुकाबले से पहले अप्रत्याशित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके नॉकआउट चरण में पहुंचने में देरी हो सकती है। रिपोर्टों में थ्री लायंस के लिए एक बड़ी समस्या पर प्रकाश डाला गया है, जबकि नए फीफा नियम उन्हें घाना को हराने पर समूह में पहले शीर्ष पर पहुंचा सकते हैं।
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