
बाल के सेंसर ने क्रोएशिया का सपना तोड़ा, पुर्तगाल अंतिम-16 में
पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराकर विश्व कप के अंतिम-16 में प्रवेश किया, लेकिन मैच का निर्णायक क्षण बाल में लगे चिप द्वारा पकड़े गए एक सूक्ष्म स्पर्श पर टिका रहा।
टोरंटो स्टेडियम में गुरुवार रात एक ऐतिहासिक पल ने फुटबॉल की दुनिया को हिला कर रख दिया। पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराकर 2026 विश्व कप के अंतिम-16 में जगह बनाई, लेकिन यह जीत तब तय हुई जब अतिरिक्त समय के 13वें मिनट में क्रोएशिया का बराबरी का गोल तकनीक के चलते रद्द कर दिया गया। जोस्को ग्वार्दियोल ने गेंद को जाल में पहुंचाकर क्रोएशियाई खिलाड़ियों और प्रशंसकों को उन्माद में डाल दिया था, मगर वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) की समीक्षा के बाद रेफरी एस्पेन एस्कास ने ऑफसाइड का इशारा कर दिया।
यह फैसला एडिडास ट्रियोन्डा बॉल के अंदर लगे कनेक्टेड बॉल टेक्नोलॉजी सेंसर पर आधारित था। इस चिप ने प्रति सेकंड 500 बार डेटा भेजकर यह साबित किया कि क्रोएशियाई खिलाड़ी इगोर मातानोविच के बालों ने गेंद को हल्का-सा छुआ था, जिससे मारियो पासालिच ऑफसाइड हो गए। टीवी पर दिखाए गए ‘हार्टबीट ग्राफिक’ में एक छोटी-सी स्पाइक ने इस संपर्क की पुष्टि की, जो नंगी आंखों से असंभव था। फीफा ने तुरंत बयान जारी कर कहा कि सेंसर ने संपर्क को साबित किया और रेफरी का निर्णय सही था। बाद में खुद मातानोविच ने स्वीकार किया, “मुझे अपने बालों में हल्का-सा स्पर्श महसूस हुआ।”
इस निर्णय ने वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं भड़काईं। क्रोएशियाई कोच ज़्लात्को दालिच ने कहा, “वीएआर भावनाओं को मारता है, यह आपके अंदर सब कुछ खत्म कर देता है।” कप्तान लुका मोद्रिच ने आरोप लगाया कि वीएआर का इस्तेमाल चुनिंदा तरीके से या टीम के आकार को देखते हुए किया जाता है, और इसे केवल “200% त्रुटि” पर ही सक्रिय होना चाहिए। क्रोएशियाई मीडिया ने व्यंग्य किया कि अगर मातानोविच गंजे होते तो गोल मान लिया जाता। दूसरी ओर, पुर्तगाली कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने तकनीक का समर्थन करते हुए कहा कि गेंद में चिप है और यह कोई व्यक्तिपरक राय नहीं है। यूरोपीय विशेषज्ञों ने इसकी तुलना क्रिकेट के ‘स्निको’ से की, जो बल्ले के हल्के संपर्क को पकड़ता है, और कहा कि फुटबॉल अब पूरी तरह से डेटा-संचालित युग में प्रवेश कर चुका है।
मैच का भावनात्मक पहलू भी गहरा था। यह दिन पुर्तगाली फॉरवर्ड डियोगो जोटा की पहली पुण्यतिथि की पूर्व संध्या था, जिनकी एक कार दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने जीत के बाद जोटा की नंबर 21 जर्सी पहनकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा, “हम अपने लिए, डियोगो के लिए और पुर्तगाल के लिए जीते।” रोनाल्डो ने पेनल्टी पर गोल करके 41 साल और 147 दिन की उम्र में विश्व कप नॉकआउट मैच में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी बनाया।
इस जीत के साथ पुर्तगाल अब सोमवार को डलास में स्पेन के खिलाफ अंतिम-16 के मुकाबले में उतरेगा, जो यूरोपीय चैंपियन है। क्रोएशिया की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई और 40 वर्षीय मोद्रिच का विश्व कप करियर इस विवादास्पद अंत के साथ समाप्त हुआ।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
तेहरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू, लाखों की भीड़; नए सर्वोच्च नेता की गैरमौजूदगी बनी सवाल
10 भाषाएँ · 26 स्रोत
Economy & Markets सेअमेरिकी हमलों के बाद ट्रंप ने युद्धविराम को 'खत्म' बताया, कच्चा तेल 5% उछलकर 80 डॉलर के पार
5 भाषाएँ · 14 स्रोत
Technology सेAI कौशल से वेतन में 92% तक की बढ़ोतरी, पर दिमागी क्षमता पर असर की चिंता
3 भाषाएँ · 4 स्रोत