
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बायर के पक्ष में फैसला, राउंडअप पर हजारों मुकदमों की कानूनी आधार समाप्त
सर्वोच्च न्यायालय ने 7-2 के बहुमत से माना कि संघीय कीटनाशक कानून राज्य स्तर पर कैंसर चेतावनी न होने के दावों को खारिज करता है, जिससे 67,000 से अधिक लंबित मामले प्रभावित होंगे।
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को एक निर्णय में जर्मन रसायन कंपनी बायर के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसके तहत खरपतवारनाशक राउंडअप पर कैंसर की चेतावनी न देने को लेकर दायर हजारों मुकदमों की कानूनी बुनियाद समाप्त हो गई। सात न्यायाधीशों के बहुमत बनाम दो के असहमति से आए इस निर्णय के बाद बायर के शेयरों में 17 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि संघीय कीटनाशक, कवकनाशी और कृंतकनाशी अधिनियम (फिफरा) के तहत अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) द्वारा अनुमोदित लेबल ही मान्य होगा, और राज्य स्तर पर अतिरिक्त चेतावनियों की मांग नहीं की जा सकती।
बायर, जिसने 2018 में मॉन्सेंटो का अधिग्रहण किया था, ने शुरू से ही तर्क दिया कि ईपीए ग्लाइफोसेट को मानव कैंसरकारक नहीं मानता, इसलिए कंपनी पर राज्य कानूनों के तहत चेतावनी लगाने की बाध्यता नहीं डाली जा सकती। ट्रंप प्रशासन ने भी इस मामले में बायर का समर्थन किया था। दूसरी ओर, मिसौरी निवासी जॉन डर्नेल, जिन्हें राउंडअप के इस्तेमाल के बाद नॉन-हॉजकिन लिंफोमा हुआ, ने राज्य कानून के तहत मुकदमा जीता था और 1.25 मिलियन डॉलर का हर्जाना पाया था। असहमति जताने वाले न्यायाधीशों ने इस फैसले को “अफसोसजनक” बताते हुए कहा कि इसने पीड़ितों के लिए न्यायालय के दरवाजे बंद कर दिए। पर्यावरण समूहों ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए आपदा करार दिया।
इस निर्णय का सबसे बड़ा प्रभाव अमेरिका में लंबित लगभग 67,000 मामलों पर पड़ेगा, जिनमें से अधिकांश चेतावनी न होने के दावे पर आधारित हैं। हालांकि, उत्पाद की डिजाइन से जुड़ी खामियों को लेकर अलग से मुकदमे चल सकते हैं। बायर अब तक 10 अरब डॉलर से अधिक का भुगतान समझौतों और हर्जानों में कर चुकी है और उसने फरवरी में 7.25 अरब डॉलर के एक राष्ट्रव्यापी समझौते का प्रस्ताव रखा था, जिसे प्रारंभिक मंजूरी मिल चुकी है। यह फैसला ट्रंप प्रशासन और स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर के “मेक अमेरिका हेल्दी अगेन” (माहा) आंदोलन के बीच बढ़ती दरार को भी रेखांकित करता है, क्योंकि माहा समर्थक कीटनाशकों पर सख्त नियंत्रण चाहते हैं जबकि प्रशासन ने ग्लाइफोसेट उत्पादन बढ़ाने का कार्यकारी आदेश जारी किया था।
वैज्ञानिक मोर्चे पर ग्लाइफोसेट को लेकर मतभेद जारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की अंतर्राष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (आईएआरसी) ने 2015 में इसे “संभवतः कैंसरकारक” वर्गीकृत किया था, जबकि ईपीए और यूरोपीय संघ की नियामक एजेंसियां इसे निर्देशानुसार उपयोग में सुरक्षित मानती हैं। यह नियामक विभाजन वैश्विक स्तर पर मुकदमेबाजी का आधार बना हुआ है। दक्षिण एशिया में, जहां ग्लाइफोसेट का कृषि में व्यापक उपयोग होता है, यह निर्णय स्थानीय नियामक बहसों को प्रभावित कर सकता है, हालांकि इसका प्रत्यक्ष कानूनी प्रभाव केवल अमेरिका तक सीमित है। बायर ने कहा है कि वह प्रस्तावित सामूहिक समझौते को अंतिम मंजूरी दिलाने की दिशा में काम करेगी, और निचली अदालतों से अपेक्षा है कि वे सर्वोच्च न्यायालय के इस पूर्व-प्रभाव सिद्धांत के आधार पर लंबित मामलों को खारिज करें।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ
ट्रंप को सत्ता में वापस लाने वाला स्वास्थ्य-सचेत आंदोलन, राउंडअप पर कैंसर की चेतावनी से बायर को बचाने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गहरा धोखा महसूस कर रहा है। वे इसे रासायनिक उद्योग को दिया गया तोहफा मानते हैं जो चुनावी वादों को तोड़ता है और राष्ट्रपति और उनके कल्याण-केंद्रित समर्थकों के बीच गठबंधन को जहरीला बनाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने 7-2 से फैसला सुनाया कि संघीय कीटनाशक कानून राज्य की चेतावनी की मांगों पर हावी है, जिससे बायर के खिलाफ राउंडअप कैंसर के हजारों मुकदमे प्रभावी रूप से अवरुद्ध हो गए। यह निर्णय कृषि-रासायनिक दिग्गज के लिए एक बड़ी कानूनी ढाल है, जो उपभोक्ता मुकदमेबाजी को EPA-अनुमोदित लेबलिंग की सीमाओं तक सीमित करता है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
वोक्सवैगन की ऐतिहासिक छंटनी: 100,000 नौकरियां खत्म, चार जर्मन प्लांट बंद करने की योजना
7 भाषाएँ · 20 स्रोत
Technology सेवेनेजुएला में भूकंप से पहले गूगल अलर्ट ने बचाई जानें: कैसे काम करता है एंड्रॉयड का सिस्मिक सिस्टम
4 भाषाएँ · 11 स्रोत
Science & Health सेमोटापे के इलाज में नया मोड़: वजन घटाने की दवा से हृदय रोग, अस्थमा और स्लीप एपनिया में भी सुधार
2 भाषाएँ · 6 स्रोत