
उरुग्वे को रोककर सऊदी अरब ने जताई 16वें दौर की उम्मीद, ग्रुप एच में चारों टीमें एक अंक पर
मियामी में खेले गए मुक़ाबले में सऊदी अरब ने उरुग्वे को 1-1 से रोका, जबकि इसी ग्रुप में स्पेन को केप वर्डे ने भी बराबरी पर रोक दिया।
फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप एच का पहला दौर अप्रत्याशित नतीजों से भरा रहा। मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में सऊदी अरब ने दक्षिण अमेरिकी दिग्गज उरुग्वे को 1-1 की बराबरी पर रोक दिया, जबकि इसी ग्रुप में कुछ घंटे पहले यूरोपीय चैंपियन स्पेन को डेब्यू कर रही केप वर्डे ने गोलरहित ड्रॉ पर रोककर बड़ा उलटफेर किया था। इन नतीजों के बाद ग्रुप एच की चारों टीमें—उरुग्वे, सऊदी अरब, स्पेन और केप वर्डे—एक-एक अंक के साथ बराबरी पर खड़ी हैं, जिससे आगे का हर मुक़ाबला नॉकआउट की तरह अहम हो गया है।
सऊदी अरब ने पहले हाफ में शानदार अनुशासन दिखाते हुए 41वें मिनट में अब्दुलेलाह अल-अमरी के हेडर से बढ़त बना ली। हर्वे रेनार्ड की कोचिंग वाली ग्रीन फॉल्कन्स ने उरुग्वे के लगातार दबाव के बावजूद गोलकीपर मोहम्मद अल-ओवैस की बदौलत बढ़त को लंबे समय तक बचाए रखा। अल-ओवैस ने इस टूर्नामेंट में अब तक के सर्वाधिक नौ बचाव करते हुए फेडरिको विनास और मैक्सी अराउजो जैसे खिलाड़ियों के प्रयासों को विफल किया। हालांकि, दूसरे हाफ में मार्सेलो बिएल्सा के सामरिक बदलावों के बाद उरुग्वे ने 22 शॉट दागे और आखिरकार 80वें मिनट में अराउजो ने बराबरी का गोल दाग दिया।
उरुग्वे के कोच बिएल्सा ने मैच के बाद निराशा जताते हुए कहा कि उनकी टीम को यह मुक़ाबला जीतना चाहिए था, लेकिन सऊदी रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने अंत तक हिम्मत नहीं हारी। दक्षिण अमेरिकी मीडिया ने इसे उरुग्वे के लिए एक चूके हुए मौके के रूप में देखा, जबकि स्पेनिश अखबारों ने इस ड्रॉ को स्पेन के लिए राहत की खबर बताया, क्योंकि इससे ग्रुप की समीकरण फिर से खुल गए हैं। वहीं, सऊदी कप्तान सलेम अल-दौसारी ने आत्मविश्वास जताया कि यह प्रदर्शन टीम को अंतिम-16 में पहुंचाने की नींव रख सकता है, और उन्होंने 2022 में अर्जेंटीना को हराने की ऐतिहासिक जीत का हवाला देते हुए कहा कि ग्रीन फॉल्कन्स बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखती है।
एशियाई संदर्भ में इस नतीजे ने खासी चर्चा छेड़ दी। इंडोनेशियाई सोशल मीडिया पर सऊदी अरब के प्रदर्शन के बाद टीम इंडोनेशिया का नाम अचानक ट्रेंड करने लगा, क्योंकि दक्षिण-पूर्व एशियाई फुटबॉल प्रशंसकों को अपने क्षेत्र की टीमों के लिए प्रेरणा मिली। अल्जीरियाई और खाड़ी मीडिया ने भी सऊदी अरब की सामरिक परिपक्वता की तारीफ की, जो एशियाई फुटबॉल के बढ़ते स्तर का संकेत है।
अब ग्रुप एच में हर टीम के लिए दो मैच बचे हैं और कोई भी सुरक्षित नहीं है। सऊदी अरब को अगले मुकाबलों में स्पेन और केप वर्डे जैसी टीमों से भिड़ना है, जहाँ एक और अंक भी अंतिम-16 की दौड़ में निर्णायक साबित हो सकता है। उरुग्वे को अपनी फिनिशिंग सुधारनी होगी, जबकि स्पेन पर दबाव बढ़ गया है। इस ग्रुप की अनिश्चितता ने विश्व कप को शुरुआती दौर में ही रोमांचक बना दिया है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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स्पेनिश मीडिया इस ड्रॉ को स्पेन के लिए राहत के रूप में देखता है, जो पहले लड़खड़ा गया था। उरुग्वे के देर से किए गए गोल ने एक ऐतिहासिक शर्मिंदगी को टाल दिया, लेकिन इस परिणाम ने ग्रुप एच को पूरी तरह से खुला छोड़ दिया, जहां चारों टीमें एक-एक अंक पर हैं। ध्यान इस बात पर है कि यह नतीजा स्पेन की संभावनाओं को कैसे मदद करता है।
अरब मीडिया उरुग्वे जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सऊदी अरब के दृढ़ प्रदर्शन का जश्न मनाता है। ग्रीन फाल्कन्स ने महत्वाकांक्षा और संगठन दिखाया, एक कीमती अंक हासिल किया जो उनकी अंतिम-16 की उम्मीदों को जिंदा रखता है। इस ड्रॉ को वैश्विक मंच पर सऊदी अरब की बढ़ती प्रतिष्ठा की पुष्टि के रूप में पेश किया गया है।
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