
विश्व कप 2026: अर्जेंटीना और फ्रांस का आगाज़, चार मुक़ाबलों में दिग्गजों की परीक्षा
मंगलवार को डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना और उपविजेता फ्रांस अपने-अपने ग्रुप मैचों से अभियान शुरू करेंगे, जबकि नॉर्वे और इराक़ भी मैदान में उतरेंगे।
उत्तरी अमेरिका में जारी फीफा विश्व कप 2026 के 104 मैचों के विशाल कार्यक्रम में मंगलवार का दिन सबसे प्रतीक्षित रहेगा, क्योंकि पिछले संस्करण की फाइनलिस्ट अर्जेंटीना और फ्रांस अपने-अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। भारतीय समयानुसार देर रात 12:30 बजे फ्रांस का सामना सेनेगल से न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में होगा, जो 19 जुलाई को होने वाले फाइनल का भी मेज़बान है। इसके बाद ब्राज़ीलिया समयानुसार शाम 7 बजे (भारत में तड़के 3:30 बजे) बोस्टन के जिलेट स्टेडियम में नॉर्वे की टीम इराक़ के ख़िलाफ़ अपने स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालांड के साथ विश्व कप में क़दम रखेगी। दिन का मुख्य आकर्षण भारतीय समयानुसार सुबह 6:30 बजे कैनसस के एरोहेड स्टेडियम में होगा, जहां लियोनेल मेसी की अगुआई में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना अल्जीरिया के ख़िलाफ़ ख़िताब बचाने की मुहिम शुरू करेगी।
दक्षिण अमेरिकी संदर्भ में देखें तो अर्जेंटीना और फ्रांस दोनों ही इस टूर्नामेंट के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। अर्जेंटीना ग्रुप जे में ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के साथ है, जबकि फ्रांस ग्रुप आई में नॉर्वे और इराक़ के साथ मौजूद है। फ्रांस के कोच दिदिएर देशां अपना 20वां विश्व कप मैच देखेंगे और उनकी टीम 2002 के बाद से कोई शुरुआती मुक़ाबला नहीं हारी है। दूसरी ओर, अर्जेंटीना क़तर 2022 के फाइनल की रोमांचक जीत के बाद पहली बार विश्व कप मैच खेलेगी और उसके सामने अफ़्रीकी टीम अल्जीरिया की चुनौती होगी, जो स्पेन के शुरुआती उलटफेर को दोहराने की कोशिश करेगी।
यूरोपीय नज़रिए से नॉर्वे की एंट्री सबसे दिलचस्प है, क्योंकि हालांड जैसे गोल मशीन वाली टीम पहली बार विश्व कप में नज़र आएगी। वहीं एशियाई पक्ष इराक़ और जॉर्डन के लिए यह मंच अपनी क्षमता साबित करने का दुर्लभ अवसर है। अफ़्रीका की सेनेगल और अल्जीरिया भी यूरोपीय-दक्षिण अमेरिकी वर्चस्व को तोड़ने की कोशिश करेंगी। चारों मुक़ाबले अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों की ताक़त और कमज़ोरियों को उजागर करेंगे, जिससे ग्रुप स्टेज के बाक़ी समीकरणों पर गहरा असर पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रांस के पास इस बार सबसे महंगा स्क्वॉड है, लेकिन सेनेगल की शारीरिक खेल शैली उन्हें परेशान कर सकती है। अर्जेंटीना के लिए अल्जीरिया के ख़िलाफ़ शुरुआती मैच आसान नहीं होगा, क्योंकि अफ़्रीकी टीमें हाल के वर्षों में लगातार बेहतर हुई हैं। नॉर्वे-इराक़ मुक़ाबले में हालांड की मौजूदगी नॉर्वे को स्पष्ट पसंदीदा बनाती है, लेकिन इराक़ की संगठित रक्षा पंक्ति उलटफेर कर सकती है। देर रात ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के बीच होने वाला आख़िरी मैच ग्रुप जे के समीकरणों को शुरुआती दिशा देगा।
आगे की राह देखें तो यह दिन विश्व कप की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। अगर अर्जेंटीना और फ्रांस अपनी लय पकड़ लेते हैं, तो नॉकआउट चरण में उनका रास्ता अपेक्षाकृत आसान होगा। लेकिन किसी भी बड़ी टीम की शुरुआती हार, जैसा स्पेन के साथ हुआ, पूरे टूर्नामेंट को अप्रत्याशित मोड़ दे सकती है। भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह मैच देर रात और सुबह के समय आएंगे, लेकिन मेसी और एमबाप्पे जैसे सितारों की चमक नींद पर भारी पड़ेगी।
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