
मैगडेबर्ग क्रिसमस बाजार हमला: सऊदी डॉक्टर को आजीवन कारावास, विशेष गंभीरता का दोषी करार
जर्मन अदालत ने 2024 के हमले के दोषी तालेब अल-अब्दुलमोहसेन को अधिकतम सजा सुनाई, जिसमें छह लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे।
जर्मनी के मैगडेबर्ग शहर की एक अदालत ने शुक्रवार को सऊदी अरब के मनोचिकित्सक तालेब जवाद अल-अब्दुलमोहसेन को 20 दिसंबर 2024 को क्रिसमस बाजार में कार चढ़ाकर छह लोगों की हत्या और 300 से अधिक को घायल करने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अपराध की 'विशेष गंभीरता' को स्वीकार किया, जिसके चलते जर्मन कानून के तहत 15 वर्ष बाद पैरोल की सामान्य संभावना लगभग समाप्त हो जाती है। साथ ही, न्यायाधीशों ने भविष्य में सुरक्षात्मक हिरासत (सिखेरुंग्सवेरवारुंग) का विकल्प सुरक्षित रखा, जिसकी समीक्षा सजा पूरी होने के बाद की जाएगी। यह फैसला अभी अंतिम नहीं है और बचाव पक्ष अपील कर सकता है।
अभियोजन पक्ष और 200 से अधिक पीड़ितों ने, जो सह-वादी के रूप में मुकदमे में शामिल हुए, अधिकतम सजा और तत्काल सुरक्षात्मक हिरासत की मांग की थी। जर्मन संघीय अभियोजक कार्यालय के अनुसार, आरोपी ने कोई गंभीर वैचारिक लक्ष्य नहीं अपनाया, बल्कि मुख्यतः व्यक्तिगत कुंठाओं से प्रेरित होकर काम किया—जिसमें एक नागरिक कानूनी विवाद में हार और कई आपराधिक शिकायतों की विफलता शामिल थी। बचाव पक्ष ने सुरक्षात्मक हिरासत की कानूनी शर्तें पूरी न होने का तर्क दिया, क्योंकि आरोपी पहले से दोषी नहीं था। अदालत ने मनोचिकित्सकीय विशेषज्ञ की राय को स्वीकार किया, जिसमें अल-अब्दुलमोहसेन को आत्मकेंद्रित व्यक्तित्व विकार से ग्रस्त और ध्यान आकर्षित करने की तीव्र इच्छा वाला बताया गया, फिर भी उसे पूर्णतः आपराधिक रूप से जिम्मेदार ठहराया।
इस हमले ने जर्मनी के फरवरी 2025 के आम चुनाव से पहले आव्रजन बहस को तीव्र कर दिया था। सैक्सोनी-एनहाल्ट राज्य की एक संसदीय जांच समिति ने हाल ही में जारी रिपोर्ट में मैगडेबर्ग नगर प्रशासन और आयोजकों पर लागत-कटौती के चलते बाजार की सुरक्षा में गंभीर चूक का आरोप लगाया, जिसमें प्रवेश द्वार खुले छोड़ दिए गए थे। समिति ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच 'ज्ञान विखंडन' को भी रेखांकित किया—हमलावर ने वर्षों तक कई प्राधिकरणों को धमकियों और मुकदमों में उलझाए रखा, लेकिन सूचनाओं का समग्र विश्लेषण नहीं हुआ। सऊदी अरब ने 2023 में ही जर्मनी को इस व्यक्ति के बारे में चेतावनी दी थी, जिसे जर्मन अधिकारियों ने अस्पष्ट पाया।
अल-अब्दुलमोहसेन 2006 में जर्मनी आया था और 2016 में उसे राजनीतिक शरण मिली। वह खुद को पूर्व-मुस्लिम और सऊदी महिलाओं के अधिकारों का कार्यकर्ता बताता था, जबकि सोशल मीडिया पर धुर-दक्षिणपंथी पार्टी 'अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एएफडी) के प्रति सहानुभूति और कट्टर इस्लाम-विरोधी बयानबाजी करता था। जर्मन सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह हमला पारंपरिक चरमपंथी प्रोफाइल से इतर था, जिसने खतरे के आकलन की मौजूदा श्रेणियों को चुनौती दी। यूरोपीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पूरे महाद्वीप में दक्षिणपंथी लामबंदी को बल देती हैं, जिसका प्रभाव दक्षिण एशियाई प्रवासी समुदायों सहित सभी आप्रवासी समूहों पर पड़ सकता है।
फिलहाल, दोषी को कई दशक जेल में बिताने की संभावना है, और सुरक्षात्मक हिरासत पर अंतिम निर्णय भविष्य की समीक्षा पर टिका है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी ने मुकदमे के दौरान कोई पश्चाताप नहीं दिखाया और उसकी खतरनाकता बरकरार है। अपील की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार सजा में ढील की गुंजाइश सीमित है।
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