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खेलगुरुवार, 25 जून 2026

विश्व कप 2026: जर्मनी और अमेरिका पहले ही अगले दौर में, आज तीन ग्रुपों की किस्मत का फैसला

ग्रुप डी, ई और एफ के अंतिम मुकाबलों में इक्वाडोर, जापान, पैराग्वे और नीदरलैंड जैसी टीमें अंतिम-32 में जगह बनाने के लिए मैदान में उतरेंगी।

विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण का आखिरी दौर गुरुवार को छह अहम मुकाबलों के साथ जारी रहा, जिसमें ग्रुप डी, ई और एफ की बाकी बची सीटों का फैसला होना है। जर्मनी और मेज़बान अमेरिका पहले ही अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहते हुए अंतिम-32 में जगह पक्की कर चुके हैं, लेकिन दूसरे और तीसरे स्थान की लड़ाई ने इन मुकाबलों को रोमांचक बना दिया है। भारतीय समयानुसार देर रात खेले जाने वाले इन मैचों पर दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि एक-एक गोल कई टीमों की किस्मत बदल सकता है।

ग्रुप ई में जर्मनी ने पहले दो मैचों में कुराकाओ को 7-1 से रौंदने और कोटे डी आइवर को 2-1 से हराने के बाद छह अंकों के साथ शीर्ष स्थान सुरक्षित कर लिया है। दूसरी ओर, इक्वाडोर के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा है। सेबेस्टियन बेकासेसे की टीम अभी तक टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं कर पाई है और महज एक अंक के साथ तीसरे स्थान पर है। उसे जर्मनी को हराने के साथ-साथ यह दुआ करनी होगी कि दूसरे मैच में कोटे डी आइवर को कुराकाओ के हाथों हार का सामना करना पड़े। तीन अंकों के साथ दूसरे नंबर पर मौजूद कोटे डी आइवर की स्थिति सबसे मजबूत है—एक जीत उसे सीधे अगले दौर में पहुंचा देगी। वहीं, कुराकाओ की टीम अपने पहले ही विश्व कप में एक अंक लेकर अभी भी सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीम के रूप में आगे बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठी है।

ग्रुप एफ में मुकाबला और भी पेचीदा है। नीदरलैंड और जापान दोनों के चार-चार अंक हैं और गोल अंतर भी समान है, जबकि स्वीडन तीन अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। ट्यूनीशिया की टीम लगातार दो बड़ी हार के बाद पहले ही बाहर हो चुकी है। जापान और स्वीडन के बीच डलास में होने वाला मुकाबला न सिर्फ दूसरे स्थान के लिए अहम है, बल्कि इसका सीधा असर ब्राजील के प्रतिद्वंद्वी पर भी पड़ेगा—ग्रुप एफ का दूसरा स्थान पाने वाली टीम अगले दौर में ब्राजील से भिड़ेगी। नीदरलैंड को ट्यूनीशिया के खिलाफ जीत की प्रबल संभावना है, लेकिन अगर वह अंक गंवाता है और जापान-स्वीडन मैच का विजेता बाजी मार लेता है, तो ग्रुप की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

ग्रुप डी में अमेरिका ने लगातार दो जीत के साथ शीर्ष स्थान पक्का कर लिया है, जबकि तुर्की बिना किसी अंक के बाहर हो चुकी है। असली जंग पैराग्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच है, दोनों के तीन-तीन अंक हैं। सैन फ्रांसिस्को में होने वाली इस सीधी टक्कर में ऑस्ट्रेलिया को गोल अंतर की बढ़त हासिल है, इसलिए एक ड्रॉ भी उसे दूसरे स्थान पर पहुंचा सकता है। पैराग्वे को हर हाल में जीत चाहिए, वरना वह सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान की उम्मीदों पर निर्भर हो जाएगा।

इन सभी मुकाबलों के नतीजे न केवल सीधे क्वालीफाई करने वाली टीमों का फैसला करेंगे, बल्कि आठ सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों की जटिल गणित को भी प्रभावित करेंगे। एक बार ग्रुप चरण समाप्त होने के बाद अंतिम-32 की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी, जहां ब्राजील, मैक्सिको और अर्जेंटीना जैसी दिग्गज टीमें पहले से मौजूद हैं।

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गुरुवार, 25 जून 2026

विश्व कप 2026: जर्मनी और अमेरिका पहले ही अगले दौर में, आज तीन ग्रुपों की किस्मत का फैसला

ग्रुप डी, ई और एफ के अंतिम मुकाबलों में इक्वाडोर, जापान, पैराग्वे और नीदरलैंड जैसी टीमें अंतिम-32 में जगह बनाने के लिए मैदान में उतरेंगी।

विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण का आखिरी दौर गुरुवार को छह अहम मुकाबलों के साथ जारी रहा, जिसमें ग्रुप डी, ई और एफ की बाकी बची सीटों का फैसला होना है। जर्मनी और मेज़बान अमेरिका पहले ही अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहते हुए अंतिम-32 में जगह पक्की कर चुके हैं, लेकिन दूसरे और तीसरे स्थान की लड़ाई ने इन मुकाबलों को रोमांचक बना दिया है। भारतीय समयानुसार देर रात खेले जाने वाले इन मैचों पर दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि एक-एक गोल कई टीमों की किस्मत बदल सकता है।

ग्रुप ई में जर्मनी ने पहले दो मैचों में कुराकाओ को 7-1 से रौंदने और कोटे डी आइवर को 2-1 से हराने के बाद छह अंकों के साथ शीर्ष स्थान सुरक्षित कर लिया है। दूसरी ओर, इक्वाडोर के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा है। सेबेस्टियन बेकासेसे की टीम अभी तक टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं कर पाई है और महज एक अंक के साथ तीसरे स्थान पर है। उसे जर्मनी को हराने के साथ-साथ यह दुआ करनी होगी कि दूसरे मैच में कोटे डी आइवर को कुराकाओ के हाथों हार का सामना करना पड़े। तीन अंकों के साथ दूसरे नंबर पर मौजूद कोटे डी आइवर की स्थिति सबसे मजबूत है—एक जीत उसे सीधे अगले दौर में पहुंचा देगी। वहीं, कुराकाओ की टीम अपने पहले ही विश्व कप में एक अंक लेकर अभी भी सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीम के रूप में आगे बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठी है।

ग्रुप एफ में मुकाबला और भी पेचीदा है। नीदरलैंड और जापान दोनों के चार-चार अंक हैं और गोल अंतर भी समान है, जबकि स्वीडन तीन अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। ट्यूनीशिया की टीम लगातार दो बड़ी हार के बाद पहले ही बाहर हो चुकी है। जापान और स्वीडन के बीच डलास में होने वाला मुकाबला न सिर्फ दूसरे स्थान के लिए अहम है, बल्कि इसका सीधा असर ब्राजील के प्रतिद्वंद्वी पर भी पड़ेगा—ग्रुप एफ का दूसरा स्थान पाने वाली टीम अगले दौर में ब्राजील से भिड़ेगी। नीदरलैंड को ट्यूनीशिया के खिलाफ जीत की प्रबल संभावना है, लेकिन अगर वह अंक गंवाता है और जापान-स्वीडन मैच का विजेता बाजी मार लेता है, तो ग्रुप की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

ग्रुप डी में अमेरिका ने लगातार दो जीत के साथ शीर्ष स्थान पक्का कर लिया है, जबकि तुर्की बिना किसी अंक के बाहर हो चुकी है। असली जंग पैराग्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच है, दोनों के तीन-तीन अंक हैं। सैन फ्रांसिस्को में होने वाली इस सीधी टक्कर में ऑस्ट्रेलिया को गोल अंतर की बढ़त हासिल है, इसलिए एक ड्रॉ भी उसे दूसरे स्थान पर पहुंचा सकता है। पैराग्वे को हर हाल में जीत चाहिए, वरना वह सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान की उम्मीदों पर निर्भर हो जाएगा।

इन सभी मुकाबलों के नतीजे न केवल सीधे क्वालीफाई करने वाली टीमों का फैसला करेंगे, बल्कि आठ सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों की जटिल गणित को भी प्रभावित करेंगे। एक बार ग्रुप चरण समाप्त होने के बाद अंतिम-32 की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी, जहां ब्राजील, मैक्सिको और अर्जेंटीना जैसी दिग्गज टीमें पहले से मौजूद हैं।

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