
मेटा को भारत का सख्त नोटिस: बाल यौन शोषण वाले इंस्टाग्राम विज्ञापनों पर रोक
इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ने सात दिनों में जवाब मांगा, विदेश मंत्रालय ने फर्जी नीति सलाहकार खातों से सावधान रहने की सलाह दी।
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने शनिवार रात मेटा को एक कड़ा नोटिस जारी कर इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार सामग्री (सीएसईएएम) को बढ़ावा देने वाले सभी भुगतान विज्ञापनों और संबंधित सामग्री को तत्काल निष्क्रिय करने का आदेश दिया। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई बीबीसी की एक जांच रिपोर्ट के बाद हुई, जिसमें खुलासा हुआ कि इंस्टाग्राम पर 'रेप वीडियो' और 'चाइल्ड वीडियो' जैसे स्पष्ट कीवर्ड के साथ विज्ञापन चल रहे थे, जो उपयोगकर्ताओं को टेलीग्राम चैनलों पर ले जाते थे, जहां यह अवैध सामग्री मात्र 99 रुपये में बेची जा रही थी। मंत्रालय ने मेटा से सात दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है कि ये विज्ञापन स्वीकृत कैसे हुए, स्वचालित मॉडरेशन प्रणालियां विफल क्यों हुईं और पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। टेलीग्राम ने बताया कि उसने 2026 में सीएसएएम से जुड़े 2,74,000 से अधिक समूह और चैनल हटाए हैं, लेकिन बीबीसी की रिपोर्ट में एक चैनल अब भी सक्रिय पाया गया।
मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी सीएसईएएम के प्रति 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति रखती है और उसने आपत्तिजनक विज्ञापनों को हटाकर, संबंधित खातों को निलंबित कर और संदिग्ध यूआरएल को ब्लॉक कर कार्रवाई की है। हालांकि, मेटा ने स्वीकार किया कि कोई भी मॉडरेशन प्रणाली पूर्ण नहीं है और अपराधी लगातार पहचान से बचने के नए तरीके खोजते हैं। बीबीसी रिपोर्ट के अनुसार, जब पहली बार एक विज्ञापन की शिकायत की गई थी, तो इंस्टाग्राम ने 24 घंटे बाद जवाब दिया कि वह उसके सामुदायिक दिशानिर्देशों का उल्लंघन नहीं करता। भारत सरकार इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है, विशेषकर इसलिए कि भुगतान प्रचार को सामान्य पोस्ट की तुलना में अधिक सख्त जांच से गुजरना चाहिए। अधिकारी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67बी और डिजिटल मध्यस्थ सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुपालन की समीक्षा कर रहे हैं।
इसी बीच, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इंस्टाग्राम पर सक्रिय उन फर्जी हैंडल के खिलाफ सार्वजनिक सलाह जारी की, जो स्वयं को विदेश नीति और सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ बताकर लोगों से पैसे मांग रहे थे। मंत्रालय के अनुसार, इन व्यक्तियों ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में विदेश मंत्री एस. जयशंकर या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खिंचाई गई तस्वीरों का उपयोग अपनी विश्वसनीयता बढ़ाने और यह दावा करने के लिए किया कि वे मंत्रालय में काम करा सकते हैं। एमईए ने स्पष्ट किया कि इन लोगों का मंत्रालय से कोई संबंध नहीं है और ऐसी पोस्टों से सावधान रहने की अपील की।
दूसरी ओर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा पारदर्शिता की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का विरोध प्रदर्शन 16वें दिन भी जारी रहा, जबकि जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आठवें दिन पहुंच गया, जिसके दौरान उनका वजन करीब छह किलो कम हो गया। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार उनका रक्तचाप 112/70 एमएम एचजी, हृदय गति 72 प्रति मिनट और रक्त शर्करा 67 एमजी/डीएल थी। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री को खुला पत्र लिखकर आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं ने छात्रों का भविष्य बर्बाद किया है।
सरकार ने मेटा से सात दिनों के भीतर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई का रास्ता तय हो सकता है। यह घटनाक्रम भारत के बढ़ते डिजिटल प्लेटफॉर्म विनियमन और मध्यस्थ जिम्मेदारियों पर सख्त रुख को दर्शाता है। फिलहाल, सभी पक्ष सरकार की ओर से स्पष्ट कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
तेहरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू, लाखों की भीड़; नए सर्वोच्च नेता की गैरमौजूदगी बनी सवाल
5 भाषाएँ · 17 स्रोत
Economy & Markets सेस्पेसएक्स का नैस्डैक 100 में त्वरित प्रवेश, 4.3 अरब डॉलर की निष्क्रिय खरीदारी की संभावना
3 भाषाएँ · 8 स्रोत
Science & Health सेहफ्ते में दो बार कसरत, दिल के दौरे का खतरा आधा: रोज़मर्रा की आदतें कैसे बदल सकती हैं सेहत
5 भाषाएँ · 11 स्रोत