
विश्व कप 2026: दक्षिण कोरिया के बंद प्रशिक्षण पर ड्रोन से जासूसी का संदेह, मैक्सिकन सेना ने मार गिराया
मेक्सिको के ग्वाडलाजारा में दक्षिण कोरियाई टीम के अभ्यास के दौरान एक अज्ञात ड्रोन को निष्क्रिय करने की घटना ने फीफा विश्व कप से पहले सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
मंगलवार शाम को मेक्सिको के जलिस्को राज्य में स्थित वर्दे वैले प्रशिक्षण केंद्र पर उस समय हड़कंप मच गया जब दक्षिण कोरियाई राष्ट्रीय टीम के बंद अभ्यास सत्र के दौरान एक अज्ञात ड्रोन मैदान के ऊपर मंडराता दिखाई दिया। खिलाड़ी वार्म-अप कर ही रहे थे कि सुरक्षा दल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और मैक्सिकन सेना की विशेष ड्रोन-रोधी इकाई ने इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप प्रणाली का उपयोग कर उसे निष्क्रिय कर जमीन पर गिरा दिया। दक्षिण कोरियाई कोच होंग म्युंग-बो ने इस घटना को “खेदजनक” बताया, हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मेक्सिको के खिलाफ निर्णायक मुकाबले की तैयारी पर कोई असर नहीं पड़ा है।
मैक्सिकन अधिकारियों के अनुसार, यह ड्रोन पंजीकृत नहीं था और विश्व कप के लिए लागू कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इसे तत्काल बेअसर किया गया। जलिस्को राज्य, जो हिंसक आपराधिक गुटों के कारण उच्च असुरक्षा से जूझ रहा है, में हजारों सुरक्षाकर्मियों और उन्नत निगरानी तकनीक की तैनाती की गई है। दक्षिण कोरियाई फुटबॉल संघ ने तुरंत फीफा को इस संदिग्ध जासूसी प्रयास की सूचना दी और मामले की गहन जांच की मांग की। कोरियाई मीडिया में इस घटना को लेकर आक्रोश है, जबकि मैक्सिकन पत्रकारों ने इसे स्थानीय सुरक्षा चुनौतियों और टूर्नामेंट के दबाव से जोड़कर देखा है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में यह पहला ड्रोन व्यवधान नहीं है। लॉस एंजिल्स में ईरान के शुरुआती मैच से पहले भी एक संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की रिपोर्ट आई थी, जिससे पूरे टूर्नामेंट में साइबर और भौतिक निगरानी के खतरों पर बहस तेज हो गई है। ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के समाचार आउटलेट्स ने इस घटना को वैश्विक खेल आयोजनों में बढ़ते तकनीकी हस्तक्षेप के संकेत के रूप में प्रस्तुत किया है। फीफा ने अभी तक औपचारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार संगठन स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।
ग्रुप ए के इस मुकाबले में मेजबान मेक्सिको और दक्षिण कोरिया के बीच अंक तालिका के शीर्ष स्थान के लिए सीधी टक्कर है। कोच होंग ने मैच से पहले मेक्सिको की घरेलू बढ़त को कमतर आंकते हुए कहा कि उनकी टीम पूरी तरह तैयार है, लेकिन ड्रोन कांड ने मनोवैज्ञानिक तनाव को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं खिलाड़ियों के फोकस को प्रभावित कर सकती हैं, भले ही तकनीकी तैयारी अप्रभावित रहे।
यह प्रकरण भविष्य के बड़े खेल आयोजनों के लिए एक चेतावनी है। जैसे-जैसे ड्रोन तकनीक सस्ती और सुलभ होती जा रही है, वैसे-वैसे बंद प्रशिक्षण सत्रों की गोपनीयता बनाए रखना कठिन होता जाएगा। भारत जैसे देश, जो 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दौड़ में हैं, के लिए यह घटना सुरक्षा ढांचे में एंटी-ड्रोन क्षमताओं को अनिवार्य रूप से शामिल करने की सीख देती है। फिलहाल, ग्वाडलाजारा स्टेडियम में गुरुवार को होने वाला मुकाबला न केवल फुटबॉल कौशल बल्कि सुरक्षा तैयारियों की भी कसौटी बनेगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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सोन ह्युंग-मिन, दक्षिण कोरियाई कप्तान, एक ऐसे दुर्लभ व्यक्ति के रूप में सराहे जाते हैं जो सीमाओं के पार प्रशंसकों को एकजुट करते हैं। हैम्बर्ग से वैश्विक स्टारडम तक का उनका सफर गर्मजोशी से याद किया जाता है, जबकि शिविर में हाल के तनावों को केवल एक गुज़रती छाया के रूप में देखा जाता है।
दक्षिण कोरिया का विश्व कप शिविर एक घोटाले से हिल गया: पत्रकारों ने कप्तान सोन ह्युंग-मिन की सैन्य सेवा का मज़ाक उड़ाया, जिससे टीम ने मीडिया को बाहर कर दिया। उथल-पुथल को बढ़ाते हुए, एक रहस्यमयी ड्रोन बंद प्रशिक्षण सत्र के ऊपर दिखाई दिया, जिससे जासूसी की आशंकाएँ बढ़ गईं।
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