
वैश्विक मानव तस्करी विरोधी अभियान में 59 देशों में 1,024 गिरफ्तार, 2,070 पीड़ितों की पहचान
इंटरपोल के नेतृत्व में चले 'ग्लोबल चेन' ऑपरेशन में यौन शोषण, बंधुआ मजदूरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के नेटवर्क ध्वस्त; दक्षिण एशियाई देशों के लिए भी चेतावनी।
आठ से बारह जून के बीच चार महाद्वीपों के 59 देशों में समन्वित एक वैश्विक कार्रवाई में 1,024 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 2,070 पीड़ितों या संभावित पीड़ितों की पहचान की गई। इंटरपोल, यूरोपोल और फ्रंटेक्स के सहयोग से चले 'ऑपरेशन ग्लोबल चेन' का केंद्र मानव तस्करी के वे नेटवर्क थे जो यौन शोषण, बंधुआ मजदूरी, आपराधिक गतिविधियों और जबरन भीख मंगवाने में लिप्त थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में से 334 पर सीधे मानव तस्करी और 690 पर संबद्ध अपराधों के आरोप हैं।
अमेरिकी महाद्वीप में ब्राजील की संघीय पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया जो पीड़ितों को कंबोडिया भेजकर ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए मजबूर करता था; वहां 406 पीड़ित चिह्नित किए गए, जिनमें 83 ब्राजीली और 323 विदेशी नागरिक शामिल थे। अर्जेंटीना में पुलिस ने दो बोलिवियाई बच्चियों को एक किराने की दुकान से मुक्त कराया, जहां उनका शोषण हो रहा था। वहीं अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने लॉस एंजेलिस में हूवर क्रिमिनल्स गैंग के खिलाफ 'ऑपरेशन ब्रोकन ब्लेड' के तहत 10 गिरफ्तारियां कीं और 51 पीड़ितों की पहचान की, जिनमें 14 वर्ष की आयु की किशोरियां भी थीं।
यूरोप में बेल्जियम के अधिकारियों ने सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग लड़कियों को फंसाकर वेश्यावृत्ति में धकेलने वाले एक नेटवर्क को ध्वस्त कर 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया। एशिया में इंडोनेशिया के मेदान शहर में आव्रजन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 'लव स्कैमिंग' सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ, जो जापानी पुरुषों को निशाना बनाकर ऑनलाइन ठगी करता था; वहां चीन और वियतनाम के 7 विदेशी नागरिकों सहित 38 लोग गिरफ्तार हुए। ब्राजील के ग्वारूल्होस हवाई अड्डे पर भी संघीय पुलिस ने तीन कर्मचारियों की संलिप्तता वाले एक ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जो यूरोप को कोकीन भेजता था।
इंटरपोल के अनुसार पीड़ितों में सबसे बड़ा वर्ग यौन शोषण का शिकार हुआ, जबकि 20 प्रतिशत को आपराधिक गतिविधियों, 11 प्रतिशत को बंधुआ मजदूरी और 2 प्रतिशत को जबरन भीख मंगवाने के लिए मजबूर किया गया। पीड़ितों की राष्ट्रीयता 45 देशों से जुड़ी थी, जिनमें अर्जेंटीना, कोलंबिया, वेनेजुएला, मोल्दोवा और नेपाल प्रमुख थे। दक्षिण एशिया से नेपाल के पीड़ितों की मौजूदगी इस क्षेत्र के लिए एक चेतावनी है, हालांकि भारत सीधे तौर पर इस ऑपरेशन में शामिल नहीं था। अभियान के दौरान 465 नई जांचें शुरू की गईं और 201 अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान हुई। सभी संबंधित देशों में कानूनी कार्रवाई जारी है।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | +0.70 | aligned |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.20 | neutral |
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | +0.10 | neutral |
Brazil and Latin America speak as protagonists of the operation, celebrating their role in the fight against human trafficking.
By emphasizing Brazil's central role and international cooperation, a narrative of success and regional leadership is created.
Does not mention the specific Los Angeles case and the dimension of child sexual exploitation, which could overshadow regional success.
US authorities and conservative media speak with a voice of condemnation towards traffickers and support for law enforcement, while neutral media report facts.
Using a specific sensational case to represent the severity of the problem, it justifies repressive action and mobilizes public support.
Does not highlight Brazil's central role as command hub, reducing the international scope of the operation.
Local Indonesian authorities speak as executors of the operation, with a detached and bureaucratic tone.
By reporting facts in a dry and bureaucratic manner, the operation is presented as administrative routine, avoiding value judgments.
Does not connect the local operation to the global context of human trafficking, presenting it as an isolated case.
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