
इंग्लैंड-क्रोएशिया विश्व कप भिड़ंत: पहले हाफ में चार गोल, केन का दोहरा शतक और मोड्रिक की अग्निपरीक्षा
डलास स्टेडियम में ग्रुप एल के रोमांचक मुकाबले में हैरी केन के दो गोल के बावजूद इंग्लैंड क्रोएशिया को 2-2 की बराबरी पर रोक नहीं सका, जिससे 2018 सेमीफाइनल की यादें ताजा हो गईं।
विश्व कप 2026 के सातवें दिन डलास के एटीएंडटी स्टेडियम में इंग्लैंड और क्रोएशिया के बीच खेला गया ग्रुप एल का पहला मुकाबला पहले हाफ में ही चार गोल और दो बराबरी के साथ एक सिनेमाई रोमांच में बदल गया। इंग्लिश कप्तान हैरी केन ने 12वें मिनट में पेनल्टी पर गोल करके टीम को आगे किया, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी के हस्तक्षेप के बाद दोबारा ली गई किक ने शुरुआती विवाद को जन्म दिया। इसके बाद मार्टिन बटुरिना ने 36वें मिनट में जोरदार शॉट से बराबरी दिलाई, तो केन ने 42वें मिनट में कॉर्नर पर हेडर से दूसरा गोल ठोक दिया। लेकिन पहले हाफ के इंजरी टाइम के आखिरी क्षणों में इवान पेरिसिच के क्रॉस पर पेटार मूसा के वॉली ने स्कोर 2-2 कर दिया, जिससे दोनों खेमों के प्रशंसकों की सांसें थम गईं।
यह मुकाबला दो यूरोपीय दिग्गजों के बीच एक ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता की नई कड़ी बना। इंग्लैंड 1966 के बाद से अपने पहले विश्व कप खिताब की तलाश में है और थॉमस टूशेल की कोचिंग में युवा चेहरों जैसे जूड बेलिंगहम और नोनी माडुएके के साथ उतरा। दूसरी ओर, क्रोएशिया ने 2018 में फाइनल और 2022 में तीसरे स्थान की सफलता के बाद एक बार फिर लुका मोड्रिक जैसे अनुभवी योद्धाओं पर भरोसा जताया। 2018 विश्व कप सेमीफाइनल में क्रोएशिया ने इंग्लैंड को अतिरिक्त समय में 2-1 से हराया था, और इस बार भी उसने पिछड़ने के बाद वापसी की वही जिद्द दिखाई।
वैश्विक मीडिया ने इस मैच को अलग-अलग नजरियों से देखा। यूरोपीय प्रेस, खासकर फ्रांसीसी और इतालवी आउटलेट्स ने मोड्रिक की गलती से पेनल्टी और क्रोएशियाई मिडफील्ड की रणनीतिक चूक पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि स्पेनिश भाषा के लैटिन अमेरिकी मीडिया ने इसे 'दिग्गजों की लड़ाई' करार दिया और दोनों टीमों के आक्रामक तेवर की सराहना की। एशियाई आउटलेट्स, विशेषकर इंडोनेशियाई और भारतीय मीडिया ने लाइव स्ट्रीमिंग लिंक और स्थानीय प्रसारण समय (भारत में तड़के 3:00 बजे) पर जोर दिया, जिससे दक्षिण एशिया में फुटबॉल के बढ़ते दर्शक वर्ग का संकेत मिलता है। ब्राजीलियाई पुर्तगाली मीडिया ने इंग्लैंड की अनुपस्थित स्टार खिलाड़ियों फिल फोडेन और कोल पामर की चर्चा की, जबकि ऑस्ट्रेलियाई प्रेस ने क्रोएशिया के गोलकीपर पिकफोर्ड की असहायता को रेखांकित किया।
यह ग्रुप एल का पहला मैच था, जिसमें घाना और पनामा भी शामिल हैं, और इस बराबरी ने ग्रुप की समीकरण को तुरंत जटिल बना दिया। इंग्लैंड के लिए यह परिणाम एक चेतावनी है कि केवल आक्रमण से काम नहीं चलेगा—रक्षात्मक कमजोरियों ने क्रोएशिया को दो बार वापस आने का मौका दिया। क्रोएशिया के लिए यह प्रदर्शन साबित करता है कि उम्रदराज टीम का जुझारूपन अभी भी किसी भी बड़ी टीम को हिला सकता है।
दूसरे हाफ की ओर देखें तो दोनों टीमों के पास जीत की संभावना बरकरार है। इंग्लैंड को अपनी मिडफील्ड पर नियंत्रण बढ़ाना होगा, जबकि क्रोएशिया मोड्रिक के अनुभव और पेरिसिच की गति से अंतिम तीसरे में सेंध लगाने की कोशिश करेगा। यह मुकाबला न केवल नॉकआउट की राह तय करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि क्या इंग्लैंड सचमुच 60 साल के सूखे को खत्म करने का माद्दा रखता है, या क्रोएशिया एक बार फिर विश्व कप की 'डार्क हॉर्स' कहानी लिखने को तैयार है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 7 भाषाएँ
इतालवी कवरेज मैच को एक सीधे ग्रुप चरण के मुकाबले के रूप में प्रस्तुत करती है, जिसमें किक-ऑफ समय, संभावित लाइनअप और प्रसारण विवरण सूचीबद्ध हैं। कोई कथात्मक निर्माण नहीं है, बस एक शांत, सेवा-उन्मुख पूर्वावलोकन है।
इंडोनेशियाई आउटलेट इंग्लैंड-क्रोएशिया को एक क्लासिक यूरोपीय मुकाबले के रूप में पेश करते हैं जो उच्च नाटक प्रस्तुत करने के लिए तैयार है। वे विश्व कप मंच पर टुचेल की शुरुआत और इंग्लैंड की 60 साल की वरिष्ठ खिताब की भूख पर प्रकाश डालते हैं, ओपनर को एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक परीक्षा मानते हैं।
संबंधित लेख
पुर्तगाल को कांगो ने चौंकाया: रोनाल्डो का छठा विश्व कप बेरंग, अफ्रीकी टीमों का दबदबा जारी
7 भाषाएँ · 42 स्रोत
Media & Entertainmentलिलो एंड स्टिच की आवाज़ और 'द रिंग' की सामारा: 35 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गईं डेवी चेज़
6 भाषाएँ · 20 स्रोत
राजनीतिट्रंप का ईरान समझौता: हॉरमुज में राहत, परमाणु दीवार का दावा
7 भाषाएँ · 12 स्रोत