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खेलमंगलवार, 16 जून 2026

फीफा ने ट्रंप को विश्व कप ट्रॉफी सौंपने की अनुमति दी, परंपरा में बदलाव पर बहस

2026 फीफा विश्व कप के फाइनल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विजेता कप्तान को सीधे ट्रॉफी दे सकते हैं, जो फीफा के स्थापित प्रोटोकॉल से एक बड़ा विचलन है।

फीफा ने 2026 विश्व कप के फाइनल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ट्रॉफी प्रस्तुत करने और यहां तक कि विजेता टीम के साथ मंच पर बने रहने की अनुमति देने का संकेत दिया है, जिससे वैश्विक फुटबॉल जगत में परंपरा और राजनीति के मिश्रण पर बहस छिड़ गई है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फीफा ने स्पष्ट कर दिया है कि उसे ट्रंप द्वारा 19 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में आयोजित होने वाले फाइनल में कप्तान को सीधे ट्रॉफी सौंपने और समारोह के दौरान मंच पर बने रहने पर कोई आपत्ति नहीं है। यह कदम फीफा की दशकों पुरानी उस परंपरा को तोड़ता है, जिसमें ट्रॉफी एक चबूतरे पर रखी जाती है और गणमान्य व्यक्ति केवल खिलाड़ियों का अभिवादन कर किनारे हट जाते हैं, ताकि कप्तान स्वयं ट्रॉफी उठा सके।

पारंपरिक प्रोटोकॉल के अनुसार, विश्व कप फाइनल में राजनीतिक नेता या गणमान्य व्यक्ति पदक वितरण तक सीमित रहते हैं, जबकि ट्रॉफी उठाने का क्षण पूरी तरह खिलाड़ियों का होता है। हालांकि, फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो और ट्रंप के बीच बढ़ती निकटता ने इस प्रोटोकॉल को लचीला बना दिया है। 2025 के फीफा क्लब विश्व कप में ट्रंप ने चेल्सी को ट्रॉफी सौंपी और फिर खिलाड़ियों के साथ मंच पर ही जश्न में शामिल रहे, जिसे अब विश्व कप के लिए एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। इन्फेंटिनो उस दौरान अमेरिकी टीम के लॉकर रूम में भी गए थे, जिससे फीफा और व्हाइट हाउस के बीच असामान्य रूप से घनिष्ठ संबंधों की चर्चा तेज हुई।

विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की मीडिया ने इस खबर को अलग-अलग दृष्टिकोणों से उठाया है। अमेरिकी और ब्रिटिश रिपोर्टों में ट्रंप की व्यक्तिगत रुचि को रेखांकित किया गया—उन्होंने विश्व कप टिकटों की 6,370 डॉलर तक की कीमतों पर हैरानी जताई, लेकिन फाइनल में शामिल होने की इच्छा जाहिर की। लैटिन अमेरिकी मीडिया ने इस बदलाव को फीफा की तटस्थता पर सवाल उठाने वाले कदम के रूप में देखा, जबकि यूरोपीय प्रेस ने इसे खेल के बढ़ते राजनीतिकरण का संकेत बताया। रूसी और मध्य पूर्वी आउटलेट्स ने इस घटनाक्रम को फीफा और अमेरिकी प्रशासन के बीच गहरे होते संबंधों के सबूत के तौर पर पेश किया, साथ ही यह भी याद दिलाया कि ट्रंप ने पहले कहा था कि वे अमेरिका-पराग्वे मैच के लिए एक हजार डॉलर भी नहीं देते।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब फीफा पहले से ही आलोचनाओं के घेरे में है। 2026 विश्व कप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में हो रहा है, और ट्रंप की सक्रिय भूमिका खेल आयोजन को एक राजनीतिक मंच में बदल सकती है। आलोचकों का तर्क है कि इससे विश्व कप की सार्वभौमिक अपील कमजोर होगी, जबकि समर्थक इसे मेजबान राष्ट्र के नेता का स्वाभाविक सम्मान मानते हैं। फीफा ने अभी तक पूरा कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार ट्रंप को यह विकल्प दिया गया है कि वे केवल ट्रॉफी सौंपें या पूरे जश्न में शामिल रहें।

आगे की राह में फीफा के लिए संतुलन साधना चुनौतीपूर्ण होगा। एक ओर वह मेजबान देश के शीर्ष नेता को विशेष दर्जा देकर कूटनीतिक लाभ लेना चाहता है, दूसरी ओर उसे वैश्विक प्रशंसकों की इस अपेक्षा का भी ध्यान रखना होगा कि खेल राजनीति से अलग रहे। यदि ट्रंप वास्तव में विजेता टीम के साथ ट्रॉफी उठाते हैं, तो यह तस्वीर विश्व कप के इतिहास में एक अभूतपूर्व क्षण होगी, जिसके सांस्कृतिक और कूटनीतिक प्रभाव दक्षिण एशिया सहित पूरी दुनिया में लंबे समय तक महसूस किए जाएंगे।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ

44%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa latinoamericanaStampa europea continentale
Stampa latinoamericana
scetticismodistacco

फीफा ने डोनाल्ड ट्रंप को 2026 विश्व कप ट्रॉफी व्यक्तिगत रूप से सौंपने की अनुमति दे दी है, जो परंपरा के विपरीत है क्योंकि आमतौर पर ट्रॉफी को एक चौकी पर रखा जाता है और अधिकारी दूर हट जाते हैं। यह कदम तब उठाया गया है जब क्लब विश्व कप में इसी तरह के दृश्यों को लेकर संस्था पहले से ही जांच के घेरे में है।

Stampa europea continentale/ mediterranea
scetticismoironia

डोनाल्ड ट्रंप विश्व कप सौंप सकते हैं और विजेताओं के साथ मंच पर बने रह सकते हैं, जो फीफा के पारंपरिक समारोह से एक बड़ा विचलन है। आमतौर पर राजनीतिक हस्तियां केवल खिलाड़ियों का अभिवादन करती हैं और फिर कप्तान के लिए हट जाती हैं, लेकिन इस बार यह तमाशा एक वैश्विक राष्ट्रपति मंच में बदलने का जोखिम है।

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मंगलवार, 16 जून 2026

फीफा ने ट्रंप को विश्व कप ट्रॉफी सौंपने की अनुमति दी, परंपरा में बदलाव पर बहस

2026 फीफा विश्व कप के फाइनल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विजेता कप्तान को सीधे ट्रॉफी दे सकते हैं, जो फीफा के स्थापित प्रोटोकॉल से एक बड़ा विचलन है।

फीफा ने 2026 विश्व कप के फाइनल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ट्रॉफी प्रस्तुत करने और यहां तक कि विजेता टीम के साथ मंच पर बने रहने की अनुमति देने का संकेत दिया है, जिससे वैश्विक फुटबॉल जगत में परंपरा और राजनीति के मिश्रण पर बहस छिड़ गई है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फीफा ने स्पष्ट कर दिया है कि उसे ट्रंप द्वारा 19 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में आयोजित होने वाले फाइनल में कप्तान को सीधे ट्रॉफी सौंपने और समारोह के दौरान मंच पर बने रहने पर कोई आपत्ति नहीं है। यह कदम फीफा की दशकों पुरानी उस परंपरा को तोड़ता है, जिसमें ट्रॉफी एक चबूतरे पर रखी जाती है और गणमान्य व्यक्ति केवल खिलाड़ियों का अभिवादन कर किनारे हट जाते हैं, ताकि कप्तान स्वयं ट्रॉफी उठा सके।

पारंपरिक प्रोटोकॉल के अनुसार, विश्व कप फाइनल में राजनीतिक नेता या गणमान्य व्यक्ति पदक वितरण तक सीमित रहते हैं, जबकि ट्रॉफी उठाने का क्षण पूरी तरह खिलाड़ियों का होता है। हालांकि, फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो और ट्रंप के बीच बढ़ती निकटता ने इस प्रोटोकॉल को लचीला बना दिया है। 2025 के फीफा क्लब विश्व कप में ट्रंप ने चेल्सी को ट्रॉफी सौंपी और फिर खिलाड़ियों के साथ मंच पर ही जश्न में शामिल रहे, जिसे अब विश्व कप के लिए एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। इन्फेंटिनो उस दौरान अमेरिकी टीम के लॉकर रूम में भी गए थे, जिससे फीफा और व्हाइट हाउस के बीच असामान्य रूप से घनिष्ठ संबंधों की चर्चा तेज हुई।

विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की मीडिया ने इस खबर को अलग-अलग दृष्टिकोणों से उठाया है। अमेरिकी और ब्रिटिश रिपोर्टों में ट्रंप की व्यक्तिगत रुचि को रेखांकित किया गया—उन्होंने विश्व कप टिकटों की 6,370 डॉलर तक की कीमतों पर हैरानी जताई, लेकिन फाइनल में शामिल होने की इच्छा जाहिर की। लैटिन अमेरिकी मीडिया ने इस बदलाव को फीफा की तटस्थता पर सवाल उठाने वाले कदम के रूप में देखा, जबकि यूरोपीय प्रेस ने इसे खेल के बढ़ते राजनीतिकरण का संकेत बताया। रूसी और मध्य पूर्वी आउटलेट्स ने इस घटनाक्रम को फीफा और अमेरिकी प्रशासन के बीच गहरे होते संबंधों के सबूत के तौर पर पेश किया, साथ ही यह भी याद दिलाया कि ट्रंप ने पहले कहा था कि वे अमेरिका-पराग्वे मैच के लिए एक हजार डॉलर भी नहीं देते।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब फीफा पहले से ही आलोचनाओं के घेरे में है। 2026 विश्व कप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में हो रहा है, और ट्रंप की सक्रिय भूमिका खेल आयोजन को एक राजनीतिक मंच में बदल सकती है। आलोचकों का तर्क है कि इससे विश्व कप की सार्वभौमिक अपील कमजोर होगी, जबकि समर्थक इसे मेजबान राष्ट्र के नेता का स्वाभाविक सम्मान मानते हैं। फीफा ने अभी तक पूरा कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार ट्रंप को यह विकल्प दिया गया है कि वे केवल ट्रॉफी सौंपें या पूरे जश्न में शामिल रहें।

आगे की राह में फीफा के लिए संतुलन साधना चुनौतीपूर्ण होगा। एक ओर वह मेजबान देश के शीर्ष नेता को विशेष दर्जा देकर कूटनीतिक लाभ लेना चाहता है, दूसरी ओर उसे वैश्विक प्रशंसकों की इस अपेक्षा का भी ध्यान रखना होगा कि खेल राजनीति से अलग रहे। यदि ट्रंप वास्तव में विजेता टीम के साथ ट्रॉफी उठाते हैं, तो यह तस्वीर विश्व कप के इतिहास में एक अभूतपूर्व क्षण होगी, जिसके सांस्कृतिक और कूटनीतिक प्रभाव दक्षिण एशिया सहित पूरी दुनिया में लंबे समय तक महसूस किए जाएंगे।

स्रोतों में मतभेद

खेल · 3 स्रोत · 3 भाषाएँ

44%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

न्यूनत्र33%
निंदक67%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa latinoamericanaStampa europea continentale
Stampa latinoamericana
scetticismodistacco

फीफा ने डोनाल्ड ट्रंप को 2026 विश्व कप ट्रॉफी व्यक्तिगत रूप से सौंपने की अनुमति दे दी है, जो परंपरा के विपरीत है क्योंकि आमतौर पर ट्रॉफी को एक चौकी पर रखा जाता है और अधिकारी दूर हट जाते हैं। यह कदम तब उठाया गया है जब क्लब विश्व कप में इसी तरह के दृश्यों को लेकर संस्था पहले से ही जांच के घेरे में है।

Stampa europea continentale/ mediterranea
scetticismoironia

डोनाल्ड ट्रंप विश्व कप सौंप सकते हैं और विजेताओं के साथ मंच पर बने रह सकते हैं, जो फीफा के पारंपरिक समारोह से एक बड़ा विचलन है। आमतौर पर राजनीतिक हस्तियां केवल खिलाड़ियों का अभिवादन करती हैं और फिर कप्तान के लिए हट जाती हैं, लेकिन इस बार यह तमाशा एक वैश्विक राष्ट्रपति मंच में बदलने का जोखिम है।

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