
अमेरिका ने बंधुआ श्रम आयात पर कई देशों पर लगाए अतिरिक्त शुल्क; भारत पर 10%, कोलंबिया-ब्राजील पर 12.5%
नए शुल्कों से कोलंबिया के फूल निर्यात से लेकर ब्राजील के विनिर्माण तक क्षेत्र प्रभावित, वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ा; सरकारें बातचीत और डब्ल्यूटीओ में विवाद की तैयारी में।
अमेरिका ने हाल ही में धारा 301 के तहत एक जांच पूरी करने के बाद 60 देशों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया, जिसमें आरोप है कि ये देश बंधुआ श्रम से बने सामान के आयात पर रोक को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर रहे। कोलंबिया, उरुग्वे और ब्राजील समेत करीब 40 देशों पर 12.5% की दर से शुल्क वसूला जाएगा, जबकि भारत और 16 अन्य देशों के लिए यह दर 10% रखी गई है। पहले से कुछ उत्पादों पर मौजूद शुल्क के साथ जुड़कर प्रभावी दर काफी बढ़ सकती है, जैसे ब्राजील के लिए कुछ वस्तुओं पर यह 37.5% तक पहुंच गई है।
यह कार्रवाई अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) की उस जांच पर आधारित है जिसमें कहा गया कि संबंधित देशों की संस्थागत प्रणाली बंधुआ श्रम उत्पादों की पहचान और रोकथाम में कमजोर है। कोलंबिया के अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनुसार, प्रश्न कोलंबिया के निर्यात के उत्पादन पर नहीं, बल्कि तीसरे देशों से होने वाले आयात पर उसके नियंत्रण तंत्र पर उठाए गए हैं। भारत ने तर्क दिया है कि उसके घरेलू कानून पहले ही बंधुआ श्रम पर रोक लगाते हैं, और वह द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत कपड़ा उत्पादों के लिए रियायती पहुंच पर बातचीत कर रहा है।
प्रभाव का दायरा अलग-अलग है। कोलंबिया के फूल निर्यात—जो अमेरिकी बाजार का 60% हिस्सा हैं और पहले मुक्त व्यापार समझौते के तहत शून्य शुल्क पर जाते थे—पर सबसे अधिक मार पड़ी है, और कुल निर्यात का 30% प्रभावित होने का अनुमान है। दूसरी ओर, उरुग्वे के 75% से अधिक निर्यात (गोमांस, सेल्युलोज, संतरे) नए शुल्क से बाहर हैं, और केवल 22.5% उत्पाद जैसे सोया और मधु प्रभावित होंगे। भारत का 45% निर्यात (जेनेरिक दवाएं, स्मार्टफोन) इससे अछूता है, और शेष 55% पर 10% शुल्क प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अपेक्षाकृत लाभप्रद बताया जा रहा है।
प्रतिक्रियाओं में, कोलंबिया की निवर्तमान सरकार ने इसे अमेरिकी राजकोषीय घाटे और सैन्य खर्च से जोड़ा है, जबकि नई सरकार समाधान के लिए वाशिंगटन के साथ बैठकें शुरू कर रही है। ब्राजील ने नए शुल्क को पुराने मामले से अलग बताते हुए विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में अलग से विवाद दायर करने की योजना बनाई है। भारत और अमेरिका के बीच वस्त्रों के लिए अलग से छूट तंत्र पर बातचीत जारी है, जबकि सरकार ने संसद में प्रतिस्पर्धात्मकता विधेयक के जरिये बंधुआ श्रम आयात पर रोक को कानूनी रूप देने की कोशिशें तेज की हैं।
आगे का ध्यान अक्टूबर में होने वाली भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वार्ता, कोलंबिया की नई सरकार के साथ अमेरिकी वार्ता के नतीजों, और ब्राजील द्वारा डब्ल्यूटीओ पैनल के गठन पर होगा। सभी प्रभावित देशों को अपने आयात नियंत्रण ढाँचे को मजबूत करने का दबाव झेलना पड़ेगा, अन्यथा लंबी अवधि में निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान हो सकता है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
कैस्पियन सागर में ईरानी जहाज पर यूक्रेनी हमला: तेहरान ने चेतावनी दी, 'जवाब अवश्य मिलेगा'
5 भाषाएँ · 9 स्रोत
Technology सेओपन-सोर्स एआई सुरक्षा गठबंधन: हगिंग फेस हैक के बाद तकनीकी दिग्गजों का नया मोर्चा
7 भाषाएँ · 15 स्रोत
Science & Health सेस्क्रीन की लत बदल रही बच्चों का दिमाग, मेक्सिको सरकार ने दी ‘20 साल गंवाने’ की चेतावनी
2 भाषाएँ · 8 स्रोत