
लागोस में बाढ़ और कचरे से हैजा फैलने की आशंका, सरकार ने 3.1 अरब का मुआवजा बांटा
लागोस में भारी बारिश और कचरा प्रबंधन की विफलता से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा है, जबकि सरकार ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का मुआवजा दिया है।
नाइजीरिया की आर्थिक राजधानी लागोस इस समय दोहरी चुनौती से जूझ रही है। एक ओर भारी बारिश और कचरे के ढेर ने हैजा और मलेरिया जैसी जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका पैदा कर दी है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार ने सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के 331 मालिकों को 3.1 अरब नाइरा का मुआवजा वितरित किया है। स्थानीय महामारी विशेषज्ञों के अनुसार, बाढ़ का पानी सीवेज और कचरे के संपर्क में आकर पेयजल स्रोतों को दूषित कर रहा है, जिससे विब्रियो कॉलेरी नामक जीवाणु के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। सरकार ने कचरा हटाने के आदेश दिए हैं, लेकिन सड़कों और नालियों में कचरे का जमावड़ा अब भी बना हुआ है।
राज्यपाल बाबाजीदे सानवो-ओलू ने सोमवार को अलाउसा में लाभार्थियों को मुआवजे के चेक सौंपते हुए इसे न्याय और पारदर्शिता पर आधारित कानूनी दायित्व बताया। सभी दावों की पेशेवर मूल्यांकन और स्वामित्व दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्वीकृति दी गई। हालांकि, रियल एस्टेट क्षेत्र के हितधारकों ने तटीय राजमार्ग के संरेखण और डिजाइन की स्वतंत्र जांच की मांग की है, उनका आरोप है कि मूल गजट अधिसूचित मार्ग से हटकर बनाई गई सड़क और उसकी ऊंचाई ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इंजीनियरों का कहना है कि हाईवे के आसपास के समुदायों से पानी की प्राकृतिक निकासी बाधित हुई है, जिससे बाढ़ का दायरा और प्रभाव बढ़ा है।
बाढ़ और उमस भरे मौसम ने त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा दिया है। नाइजीरियाई त्वचा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बारिश में भीगे और बिना धोए दोबारा पहने गए कपड़े दाद, एक्जिमा और जॉक इच जैसे फंगल संक्रमण का कारण बन सकते हैं। ब्राज़ील के चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र तट पर गर्मी, पसीना और गीले कपड़े लंबे समय तक पहने रहने से फंगस पनपते हैं, जिससे फ्रिएरा (पैरों की फंगस) और फॉलिकुलाइटिस जैसी समस्याएं आम हैं। ब्रिटेन के चिकित्सकों ने एयर कंडीशनिंग के अधिक इस्तेमाल से त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र पर पड़ने वाले शुष्कता के प्रभावों को रेखांकित किया है, जो पहले से संवेदनशील त्वचा वालों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
ऐसे में अर्जेंटीना और स्पेन के सौंदर्य विशेषज्ञ व्यावहारिक सुझाव दे रहे हैं। उनका कहना है कि उमस भरे मौसम में भारी मेकअप से बचना चाहिए और फाउंडेशन को हल्के मॉइश्चराइजर के साथ मिलाकर लगाने से त्वचा पर बोझ कम होता है और रेखाएं कम उभरती हैं। त्वचा को साफ रखने, हाइड्रेटेड रहने और धूप से बचाव के प्रति जागरूकता बरतने की सलाह भी दी गई है। लागोस में अगला कदम पर्यावरणीय प्रभाव आकलन की स्वतंत्र समीक्षा और जल निकासी व्यवस्था की बहाली का है, जबकि स्वास्थ्य अधिकारी बीमारियों की निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
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