
AI का बढ़ता उपयोग, घटता भरोसा: दुनिया भर में तकनीक पर निर्भरता और संदेह का दोहरा रुख
वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन स्वास्थ्य, शिक्षा और खरीदारी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उपभोक्ताओं का विश्वास लगातार कम होता जा रहा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रति दुनिया का रवैया एक अजीब विरोधाभास में उलझता जा रहा है: उपयोग रिकॉर्ड स्तर पर है, लेकिन भरोसा लगातार खिसक रहा है। अमेरिका में मॉर्निंग कंसल्ट के एक ताजा सर्वेक्षण के अनुसार, दस प्रमुख एआई ब्रांडों में से सात पर उपभोक्ताओं का विश्वास साल-दर-साल घटा है, जबकि कैप्री-सन और लंचेबल्स जैसे पारंपरिक उत्पादों में भरोसा बढ़ा है। इसी तरह, केन्या में वीज़ा के ‘स्टे सिक्योर’ अध्ययन से पता चला कि 89 प्रतिशत लोग खरीदारी के लिए एआई का इस्तेमाल करते हैं—कीमतों की तुलना, उत्पाद समीक्षा और उपहार सुझावों के लिए—लेकिन केवल 29 प्रतिशत ही एआई एजेंटों को अपनी ओर से भुगतान पूरा करने की अनुमति देने को तैयार हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि सुविधा के बावजूद, वित्तीय निर्णयों में मानवीय नियंत्रण की चाह अभी भी प्रबल है।
शिक्षा और सामग्री निर्माण के क्षेत्र में एआई की पैठ और भी गहरी है, लेकिन यहां भी सतर्कता की कमी चिंताजनक है। लैटिन अमेरिका में डिजिटल एजुकेशन काउंसिल और मेक्सिको की राष्ट्रीय स्वायत्त विश्वविद्यालय (यूएनएएम) के एक व्यापक अध्ययन में सामने आया कि 91.5 प्रतिशत छात्र और 75 प्रतिशत शिक्षक शैक्षणिक गतिविधियों में एआई उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। वहीं ब्राजील में ‘प्रोजेटो ब्रीफ’ के सर्वेक्षण ने एक खतरनाक पहलू उजागर किया: 58.4 प्रतिशत उपयोगकर्ता एआई का उच्च आवृत्ति पर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन 60 प्रतिशत से अधिक यह नहीं पहचान पाते कि कोई वीडियो असली है या एआई द्वारा निर्मित। यह डिजिटल साक्षरता का एक गंभीर संकट है, जो गलत सूचना के प्रसार को बढ़ावा दे सकता है।
स्वास्थ्य सेवा में एआई की भूमिका एक संवेदनशील संतुलन की मांग करती है। कनाडा के नोवा स्कोशिया प्रांत में डॉक्टरों का कागजी काम घटाने और मरीजों को सही जानकारी तक पहुंचाने के लिए एआई उपकरण तैनात किए गए हैं, लेकिन विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि मानवीय निगरानी अनिवार्य है। ब्राजील की डायग्नोस्टिक कंपनी डासा के चिकित्सा अधिकारी बताते हैं कि एआई एल्गोरिदम इमेजिंग और पैथोलॉजी में निदान को तेज और सटीक बना रहे हैं, फिर भी आम उपयोगकर्ताओं को लक्षण डालकर बीमारी पहचानने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि सामान्य एआई में अभी वह सटीकता नहीं है। अमेरिका में ‘द अटलांटिक’ की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर एआई को लेकर चिंतित हैं, लेकिन फिर भी इसका उपयोग कर रहे हैं—हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड के एक अध्ययन में चैटजीपीटी ने निदान में सैकड़ों चिकित्सकों को पछाड़ दिया, जिससे पेशे में बेचैनी बढ़ी है।
एआई की सीमाएं भी लगातार उजागर हो रही हैं। गणित जैसे उच्च-स्तरीय शोध में ‘फर्स्ट प्रूफ’ परियोजना ने चार एआई प्रणालियों को दस अप्रकाशित शोध समस्याओं पर परखा, और निष्कर्ष निकला कि मशीनें अभी भी शीर्ष मानव गणितज्ञों की बराबरी नहीं कर पा रही हैं। इसी बीच, सेंसर टॉवर की ‘स्टेट ऑफ एआई रिपोर्ट 2026’ के अनुसार, चैटजीपीटी की वैश्विक एआई असिस्टेंट बाजार में हिस्सेदारी पहली बार 50 प्रतिशत से नीचे गिरकर 46.4 प्रतिशत पर आ गई है, जबकि गूगल का जेमिनाई 27.7 प्रतिशत के साथ तेजी से चुनौती पेश कर रहा है। इससे स्पष्ट है कि एकाधिकार टूट रहा है और प्रतिस्पर्धा उपभोक्ताओं को विकल्प दे रही है, लेकिन विश्वास का संकट पूरे क्षेत्र पर छाया हुआ है।
आगे की राह विश्वास बहाली और जिम्मेदार नवाचार के बीच संतुलन की मांग करती है। दक्षिण एशिया सहित विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह दोहरी चुनौती है: एआई अपनाने में तेजी लाना, साथ ही डिजिटल साक्षरता और नियामक ढांचे को मजबूत करना। विशेषज्ञ मानते हैं कि एआई एक उपकरण है, मानव विशेषज्ञता का विकल्प नहीं—चाहे वह खरीदारी का भुगतान हो, चिकित्सकीय निदान हो या गणितीय शोध। जब तक पारदर्शिता, मानवीय निगरानी और शिक्षा के जरिए भरोसे की खाई नहीं भरी जाती, तब तक एआई की पूरी क्षमता अधूरी ही रहेगी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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स्वास्थ्य सेवा में AI एक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देता है, लेकिन मरीजों को सावधान रहना चाहिए: सामान्य AI उपकरणों में अभी आवश्यक सटीकता नहीं है और वे भ्रामक जानकारी दे सकते हैं। विशेषज्ञ AI समाधान पहले से ही इमेजिंग और पैथोलॉजी निदान में उपयोग किए जा रहे हैं।
AI चुपचाप स्वास्थ्य प्रणालियों में घुस रही है, दक्षता का वादा करती है लेकिन चिंताएँ बढ़ा रही है। डॉक्टर चिंतित हैं क्योंकि चैटबॉट्स ने निदान परीक्षणों में उनसे बेहतर प्रदर्शन किया, फिर भी वे उनका उपयोग जारी रखते हैं; सर्वेक्षणों में AI में जनता का विश्वास घटता दिख रहा है।
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